इंदौर/भोपाल, 26 जनवरी । कांग्रेस ने भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में कथित अपमानजनक टिप्पणियों के आरोपी मध्यप्रदेश के मंत्री विजय शाह द्वारा गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रध्वज फहराए जाने को लेकर सोमवार को भाजपा पर तीखा हमला बोला।
उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने 19 जनवरी को राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह कर्नल कुरैशी के संबंध में विवादित टिप्पणियों के मामले में शाह के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी देने पर दो सप्ताह के भीतर निर्णय करे। इससे पहले, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने मंत्री को फटकार लगाते हुए पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था।
इन घटनाक्रमों के बीच विजय शाह ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर अपने गृह जिले खंडवा के स्टेडियम ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। शाह के पास जनजातीय कार्य विभाग, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग और भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग का प्रभार है।
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब मामला अदालत में विचाराधीन है, तो शाह को अब तक मंत्री पद से क्यों नहीं हटाया गया और उन्हें गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय अवसर पर ध्वजारोहण की जिम्मेदारी क्यों दी गई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पार्टी के इंदौर कार्यालय में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह के बाद संवाददाताओं से कहा कि शीर्ष अदालत के निर्देशों के बाद शाह को तत्काल मंत्रिमंडल से हटाया जाना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने गणतंत्र दिवस पर शाह से झंडा फहरवाकर संविधान को चुनौती दी है।
पटवारी ने कहा कि शाह से इस्तीफा नहीं लिया जाना मुख्यमंत्री मोहन यादव की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े करता है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी शाह के ध्वजारोहण पर आपत्ति जताते हुए कहा कि भाजपा की ओर से दिखाई गई कार्रवाई केवल औपचारिकता है और राज्य सरकार की निष्क्रियता के कारण अदालतों को स्वतः संज्ञान लेना पड़ रहा है।
कांग्रेस के आरोपों पर उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कोई टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर केवल बधाई और शुभकामनाएं दी जानी चाहिए। वहीं, भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रकोष्ठ के प्रभारी आशीष अग्रवाल ने शाह का बचाव करते हुए कहा कि मामला न्यायालय के संज्ञान में है और आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देशों के अनुसार ही होगी।
खंडवा में कांग्रेस की आपत्तियों पर प्रतिक्रिया पूछे जाने पर शाह ने केवल लोगों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और बिना टिप्पणी किए वहां से चले गए।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें शाह कथित रूप से कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते नजर आए थे। इस पर व्यापक आलोचना के बाद मंत्री ने खेद जताते हुए कहा था कि वह कर्नल कुरैशी का अपनी बहन से भी अधिक सम्मान करते हैं। यह बयान 12 मई 2025 को खंडवा जिले के रायकुंडा गांव में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दिया गया था, जिसके बाद उच्च न्यायालय के स्वतः संज्ञान लेने पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
