नयी दिल्ली, 25 जनवरी — भारत सोमवार को 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान कर्तव्य पथ पर अपनी सैन्य क्षमता, सांस्कृतिक विविधता और विकास यात्रा का भव्य प्रदर्शन करेगा। परेड में हाल ही में गठित सैन्य इकाइयों के साथ-साथ ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तैनात प्रमुख हथियार प्रणालियों के मॉडल भी प्रदर्शित किए जाएंगे, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति देश के दृढ़ संकल्प को रेखांकित करेंगे।
इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन होंगे। कर्तव्य पथ पर आयोजित समारोह का विषय ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ रखा गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुबह 10:30 बजे शुरू होने वाले लगभग 90 मिनट लंबे समारोह की अगुवाई करेंगी।
समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने से होगी। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्य अतिथि पारंपरिक बग्गी में कर्तव्य पथ पहुंचेंगे। राष्ट्रपति के अंगरक्षक उनके साथ रहेंगे।
करीब 100 सांस्कृतिक कलाकार परेड की शुरुआत करेंगे, जिनकी प्रस्तुति का विषय ‘विविधता में एकता’ होगा। इसके बाद 129 हेलीकॉप्टर यूनिट के ध्वज फॉर्मेशन में चार एमआई-17 हेलीकॉप्टर पुष्पवर्षा करेंगे। परेड का नेतृत्व परेड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल भावनिश कुमार, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, दिल्ली एरिया करेंगे।
परेड में सर्वोच्च वीरता पुरस्कारों के विजेताओं की विशेष टुकड़ी भी शामिल होगी, जिसमें परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) योगेंद्र सिंह यादव (सेवानिवृत्त) और सूबेदार मेजर संजय कुमार, अशोक चक्र विजेता मेजर जनरल सी. ए. पिथावालिया (सेवानिवृत्त) और कर्नल डी. श्रीराम कुमार शामिल होंगे। इसके अलावा यूरोपीय संघ की एक छोटी सैन्य टुकड़ी भी परेड में भाग लेगी।
पहली बार परेड में भारतीय सेना का चरणबद्ध ‘बैटल ऐरे फॉर्मेट’ प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें हवाई घटक भी शामिल होगा। इसमें उच्च गतिशीलता वाला टोही वाहन और भारत का पहला स्वदेश निर्मित बख्तरबंद हल्का विशेष वाहन प्रदर्शित किया जाएगा। हवाई सहायता स्वदेशी ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और उसके सशस्त्र संस्करण ‘रुद्र’ द्वारा दी जाएगी। सलामी मंच के सामने से टी-90 भीष्म और अर्जुन मुख्य युद्धक टैंक गुजरेंगे, जबकि आसमान में अपाचे एएच-64ई और प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर उड़ान भरेंगे। अन्य मशीनीकृत कॉलम में बीएमपी-2 इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल के साथ नाग मिसाइल सिस्टम (ट्रैक्ड) एमके-2 शामिल होंगे।
सेना के तीनों अंगों की संयुक्त झांकी में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तैनात प्रमुख हथियार प्रणालियों के मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे, जो भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों के प्रति निर्णायक प्रतिक्रिया को दर्शाएंगे।
भारतीय नौसेना की 144 युवा अधिकारियों और नाविकों की टुकड़ी का नेतृत्व लेफ्टिनेंट करन नाग्याल करेंगे। इसके बाद ‘मजबूत राष्ट्र के लिए मजबूत नौसेना’ विषय पर आधारित नौसेना की झांकी प्रस्तुत की जाएगी, जिसमें पांचवीं शताब्दी ईस्वी की पारंपरिक नौका आईएनएसवी कौंडिन्य, स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरि को दर्शाया जाएगा। झांकी में ‘नाविका सागर परिक्रमा-दो’ अभियान के मार्ग का भी चित्रण होगा।
भारतीय वायुसेना की टुकड़ी में चार अधिकारी और 144 एयरमैन शामिल होंगे। इसके साथ ही हवाई फ्लाई-पास्ट में दो राफेल, दो मिग-29, दो सुखोई-30 और एक जैगुआर विमान ‘स्पीयरहेड’ फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे, जो ‘सिंदूर फॉर्मेशन’ का प्रतीक होगा। कुल 29 विमान फ्लाई-पास्ट में शामिल होंगे, जिनमें लड़ाकू, परिवहन और हेलीकॉप्टर शामिल हैं।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) अपनी हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल एलआर-एएसएचएम का भी प्रदर्शन करेगा, जो स्थिर और गतिशील लक्ष्यों पर प्रहार करने में सक्षम है।
इस वर्ष कर्तव्य पथ पर कुल 30 झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी, जिनमें 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तथा 13 विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की झांकियां शामिल होंगी। इसके अलावा, लगभग 2,500 सांस्कृतिक कलाकार देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से भाग लेंगे। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और सशस्त्र सीमा बल के ‘डेयर डेविल्स’ मोटरसाइकिल सवार दर्शकों को रोमांचित करेंगे।
समग्र रूप से, इस वर्ष की गणतंत्र दिवस परेड भारत की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक समृद्धि और विकसित भारत की यात्रा का सशक्त प्रतीक बनेगी।
