केंद्रीय बजट पर मुस्लिम संगठनों की मिलीजुली प्रतिक्रिया

लखनऊ, 1 फरवरी: केंद्रीय बजट 2026–27 में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के लिए वित्तीय प्रावधान बढ़ाए जाने पर मुस्लिम संगठनों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

आॅल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने पिछली बार के मुकाबले इस बार बजट में अल्पसंख्यकों के लिए 1240 करोड़ रुपये की वृद्धि किए जाने पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि यह कदम उत्साहजनक है, लेकिन शिया समुदाय को बजट का वाजिब लाभ अक्सर नहीं मिलता। मौलाना अब्बास ने सरकार से आग्रह किया कि ऐसे तंत्र लागू किए जाएँ, जिससे बजट का पूरा लाभ शिया समुदाय तक पहुंचे।

वहीं, आॅल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि अल्पसंख्यकों की आबादी और उनकी शैक्षिक आवश्यकताओं के मद्देनज़र बजट में और अधिक वृद्धि होनी चाहिए थी। उन्होंने आलोचना करते हुए कहा कि पिछले कई बजटों में छात्रवृत्ति और अन्य मदों में कटौती या समाप्ति की गई, इसलिए इस बार भी बजट पर्याप्त नहीं है। मौलाना रशीद ने अल्पसंख्यकों के रोजगार, उच्च शिक्षा और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के लिए और महत्वाकांक्षी योजनाओं की आवश्यकता पर जोर दिया।

जमीयत उलेमा-ए-हिंद (एएम) की उत्तर प्रदेश इकाई के कानूनी सलाहकार मौलाना काब रशीदी ने कहा कि सरकार ने छात्रों के शैक्षणिक सशक्तीकरण के लिए 831.7 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो सराहनीय है। उन्होंने यह भी कहा कि बजट का बेहतर उपयोग योजना आधारित तरीके से किया जाए, ताकि अल्पसंख्यक समुदाय को इसका पूरा लाभ मिल सके।

उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने बजट का स्वागत किया और कहा कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय का बढ़ा हुआ बजट मुस्लिम समाज सहित सभी अल्पसंख्यकों के लिए लाभकारी होगा।

भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष कुमार बासित अली ने इसे सकारात्मक कदम बताया और कहा कि इस बार केंद्रीय बजट में मंत्रालय के लिए कुल 3400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट पेश किया। पिछले बजट में मंत्रालय का अनुमान 3,350 करोड़ रुपये था, जबकि संशोधित अनुमान 2,160.45 करोड़ रुपये कर दिया गया था। इस बार अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के अंतर्गत छात्रों के शैक्षणिक सशक्तीकरण के लिए 831.7 करोड़ रुपये, और केंद्रीय योजनाओं तथा परियोजनाओं के लिए 1,197.97 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है।

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