केंद्रीय गृह मंत्रालय को बजट में 2.55 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए

नयी दिल्ली, एक फरवरी – केंद्रीय बजट 2026-27 में गृह मंत्रालय के लिए 2.55 लाख करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि निर्धारित की गई है, जो 2025-26 के बजट अनुमान 2.33 लाख करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 9.44 प्रतिशत अधिक है। बजट में गृह मंत्रालय के लिए कुल धनराशि का 68 प्रतिशत हिस्सा यानी लगभग 1.73 लाख करोड़ रुपये पुलिस मद के लिए निर्धारित किया गया है। इसमें खुफिया ब्यूरो (आईबी), केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल जैसे सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी और सीआईएसएफ, सीमा विकास कार्यक्रम, तथा दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के पुलिस बलों के लिए निधि शामिल है। एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि पुलिस मद के तहत मंत्रालय के बजट आवंटन में पूंजीगत व्यय में भारी वृद्धि हुई है, जो 2025-26 के 16,579.19 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर इस बजट में 21,272.47 करोड़ रुपये हो गया है, यानी इसमें 4,693.28 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है, जो सुरक्षा बलों के आधुनिकीकरण और अवसंरचना परियोजनाओं में निवेश के सरकार के रुख को दर्शाती है। केंद्रीय बजट 2025-26 में गृह मंत्रालय के लिए 2.33 लाख करोड़ रुपये (बजट अनुमान) आवंटित किए गए थे। आंतरिक खुफिया एजेंसी आईबी को 2026-27 में 6,782.43 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। आईबी के आवंटन में पिछले बजट की तुलना में 63 प्रतिशत वृद्धि हुई है। पिछले बजट में आईबी के लिए 4,159.1 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। ब्यूरो के लिए पूंजीगत व्यय में इस वर्ष नौगुना वृद्धि देखी गई है, जो पिछले बजट के संशोधित अनुमानों 257.01 करोड़ रुपये से बढ़कर 2026-27 में 2,549.54 करोड़ रुपये हो गई है। यह वृद्धि आईबी की क्षमताओं और संचालन दक्षता बढ़ाने के लिए सरकार के महत्वपूर्ण निवेश को दर्शाती है। बजट दस्तावेज में कहा गया है, “यह प्रावधान खुफिया ब्यूरो के प्रशासनिक खर्चों को पूरा करने के लिए है, जो आंतरिक खतरों, आतंकवादी गतिविधियों और संभावित सुरक्षा जोखिमों की जानकारी एकत्रित करके और उनकी पड़ताल करके राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करता है।” केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में जम्मू-कश्मीर के लिए 43,290.29 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए 1,348.0 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। बजट में अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के लिए 6,680.94 करोड़ रुपये, चंडीगढ़ के लिए 5,720.17 करोड़ रुपये, दादरा और नगर हवेली तथा दमण एवं दीव के लिए 2,832.70 करोड़ रुपये, लद्दाख के लिए 4,869.31 करोड़ रुपये, लक्षद्वीप के लिए 1,682.35 करोड़ रुपये और पुडुचेरी के लिए 3,517.88 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। बजट में जनगणना से संबंधित कार्यों के लिए भी 6,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसका पहला चरण एक अप्रैल से शुरू होगा।

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