धेमाजी (असम), 30 जनवरी – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को दावा किया कि कांग्रेस शासन के दौरान असम की जनसांख्यिकी में बड़ा बदलाव आया और घुसपैठ की समस्या गंभीर रूप ले गई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार इस प्रवृत्ति को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठा रही है।
धेमाजी जिले के करेनग चापोरी में ताकाम मिसिंग पोरिन केबांग द्वारा आयोजित 10वें ‘मिसिंग युवा महोत्सव’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए शाह ने लोगों से आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को समर्थन देने की अपील की, ताकि असम को पूरी तरह घुसपैठ से मुक्त किया जा सके।
शाह ने आरोप लगाया,
“कांग्रेस शासन के दौरान असम की जनसांख्यिकी पूरी तरह बदल गई। घुसपैठियों की आबादी शून्य से बढ़कर 64 लाख तक पहुंच गई और सात जिलों में घुसपैठिए बहुसंख्यक हो गए।”
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार राज्य में बदली हुई जनसांख्यिकीय प्रवृत्ति को पलटने के लिए विभिन्न स्तरों पर काम कर रही है।
“यदि आप असम में घुसपैठ को पूरी तरह रोकना चाहते हैं, तो भाजपा सरकार को तीसरी बार चुनकर अवैध प्रवासियों के खिलाफ लड़ाई में मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के हाथ मजबूत करें,” उन्होंने कहा।
केंद्रीय गृह मंत्री ने दावा किया कि असम में भाजपा सरकारों ने अब तक अतिक्रमण की गई 1.26 लाख एकड़ भूमि को घुसपैठियों से मुक्त कराया है।
शाह ने असम के ऊपरी इलाकों में घुसपैठियों को बसने से रोकने में ‘मिसिंग’ समुदाय की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कड़ी मेहनत और जीवनशैली के कारण घुसपैठिए इन क्षेत्रों में पैर नहीं जमा सके।
उन्होंने कहा,
“घुसपैठ को रोकना मिसिंग समुदाय की जिम्मेदारी है। आपको हथियार उठाने की जरूरत नहीं है। आपकी मेहनतकश संस्कृति ही आपकी सबसे बड़ी ताकत है।”
डिब्रूगढ़ और धेमाजी को जोड़ने वाली ब्रह्मपुत्र नदी पर बने बोगीबील पुल का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि यह पुल पूरी दुनिया के सामने भारत की प्रगति का प्रतीक है।
उन्होंने कहा,
“बहुत कम लोग जानते हैं कि इस पुल के निर्माण में मिसिंग समुदाय के मेरे भाइयों और बहनों की कड़ी मेहनत शामिल है। आज यह पुल ‘नए भारत’ की परिकल्पना का सशक्त प्रतीक बन गया है।”
शाह ने आरोप लगाया कि असम से राज्यसभा सदस्य रहे मनमोहन सिंह ने 10 वर्षों तक प्रधानमंत्री रहते हुए भी इस पुल के निर्माण को पूरा नहीं किया।
उन्होंने कहा,
“असम की जनता ने मोदी जी पर भरोसा जताया और उनके नेतृत्व में यह पुल मात्र चार वर्षों में बनकर तैयार हुआ।”
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए गृह मंत्री ने कहा कि उसके शासनकाल में कई आदिवासी समुदायों को अपनी पहचान बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भाजपा द्वारा नियुक्त वार्ताकार के माध्यम से ‘मिसिंग’ समुदाय की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
शाह ने यह भी घोषणा की कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में ‘मिसिंग’ समुदाय के युवाओं की भर्ती के लिए एक विशेष भर्ती अभियान चलाया जाएगा।
‘मिसिंग युवा महोत्सव’ की सराहना करते हुए उन्होंने कहा,
“यदि मैं इस महोत्सव में शामिल नहीं होता, तो इस शानदार आयोजन को देखे बिना मेरा जीवन अधूरा रह जाता।”
उन्होंने ‘डोनयी–पोलो’ परंपरा के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि सूर्य और चंद्रमा की पूजा प्रकृति से गहरे जुड़ाव का प्रतीक है।
“नदियां, पहाड़ और पेड़ मानव जीवन की नींव हैं। डोनयी–पोलो परंपरा केवल असम और अरुणाचल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी पहचान पूरे भारत और दुनिया में है,” शाह ने कहा।
कांग्रेस की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी दल के कुछ नेता भारत की संस्कृति पर बात करने को दूसरों को कमतर आंकने से जोड़ते हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि भारत की संस्कृति विविध परंपराओं के संगम से समृद्ध हुई है।
उन्होंने कहा,
“मोदी जी और भाजपा सरकार का मानना है कि भारत में हर संस्कृति, भाषा और परंपरा को समान रूप से फलने-फूलने और कायम रहने का अधिकार है।”
