बरेली (उप्र), 10 जनवरी । उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए उसे “भ्रष्टाचार की जननी” करार दिया और दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रचंड जीत दर्ज करेगी, जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) पूरी तरह साफ हो जाएगी।
बरेली के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मौर्य ने कहा कि 2027 का विधानसभा चुनाव भाजपा के खाते में जाएगा। उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि जातिवादी और परिवारवादी राजनीति करने वालों को जनता पसंद नहीं करती और ऐसे दल चुनावों में पराजित होते हैं।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मौर्य ने कहा कि जब कांग्रेस की सरकार थी और राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे, तब स्वयं उन्होंने स्वीकार किया था कि संसद से भेजे गए एक रुपये में से लाभार्थी तक पहुंचते-पहुंचते केवल 25 पैसे ही बचते थे। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस भ्रष्टाचार की जननी रही है।
मौर्य ने दावा किया कि मौजूदा भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार पर पूरी तरह अंकुश लगाया गया है। उन्होंने कहा, “अब योजनाओं का पूरा पैसा सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्पष्ट कहा है—न खाऊंगा, न खाने दूंगा।”
उपमुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के नए कानून की सराहना करते हुए कहा कि ‘विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन–ग्रामीण’ (वीबी–जी राम जी) अधिनियम के तहत अब किसी भी गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) की भूमिका नहीं होगी। उन्होंने कहा कि मनरेगा की जगह यह नई योजना लागू की जाएगी और इसे एक महीने के भीतर जमीन पर उतार दिया जाएगा, जिससे ग्रामीण श्रमिकों को अधिक रोजगार मिलेगा और मजदूरी का भुगतान सात दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा।
मौर्य ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, सपा और तृणमूल कांग्रेस जैसे दलों को ‘राम जी’ के नाम से ही परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि राम जी का नाम सुनते ही इन दलों में खलबली मच जाती है।
उन्होंने बताया कि भाजपा विधायक प्रोफेसर श्याम बिहारी का दो जनवरी को निधन हो गया था और वह आज उनके घर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे थे। मौर्य ने कहा कि उनके निधन से पूरा बरेली शोक में है और ईश्वर उनके परिजनों व समर्थकों को यह दुख सहने की शक्ति दे।
मनरेगा पर टिप्पणी करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने के बावजूद गांवों का अपेक्षित विकास नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि जहां पहले 100 दिन का रोजगार मिलता था, वहीं नई योजना में 125 दिन का काम दिया जाएगा। इसके अलावा कृषि कार्यों के लिए 60 दिन का रोजगार आरक्षित रहेगा।
मौर्य के अनुसार, नया ‘वीबी–जी राम जी’ कानून प्रत्येक ग्रामीण परिवार को कुल 185 दिनों के रोजगार की गारंटी देता है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
