नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर । कांग्रेस ने केरल में एक युवक की कथित आत्महत्या के मामले को लेकर सोमवार को केंद्र और राज्य की वाम मोर्चा सरकार पर निशाना साधा और सवाल किया कि प्राथमिकी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का नाम क्यों नहीं है, जबकि युवक ने ‘सुसाइड नोट’ में इस संगठन का नाम लिया है।
पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि ”यौन शोषण के शिकार’’ 26 वर्षीय आनंदु अजी की मौत के मामले की प्राथमिकी में आरएसएस का नाम शामिल होना चाहिए तथा समयबद्ध एवं निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए उस पर फर्जी कहानी गढ़ने और इस मामले को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया।
इस मामले में आरएसएस की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा, ”आनंदु अजी के साथ बचपन से जो हुआ, उससे वह 22 साल तक लड़ता रहा, लेकिन आखिर में उसने हार मान ली और जान दे दी…आरएसएस की स्थापना का 100 साल मनाया जा रहा है, सिक्का जारी हो रहा है, डाक टिकट जारी हो रहा है और अंदर कुछ और ही चल रहा है।’’
उन्होंने कहा, ”अगर हम आनंदु अजी और ऐसे लाखों बच्चों को न्याय दिलाना चाहते हैं, तो हमें इस संगठन को बेनकाब करना होगा।’’
खेड़ा ने कहा कि आरएसएस की जांच होनी चाहिए और आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि समाज में इस तरह की संस्था चलाने वालों के लिए उदाहरण बन जाए।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने रविवार को दावा किया था कि तकनीकी विशेषज्ञ अजी ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि आरएसएस के कई सदस्यों ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया है।
उन्होंने कहा कि इस मामले की गहन जांच होनी चाहिए।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरुप्रकाश ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि मुख्य विपक्षी दल हमेशा दलित विरोधी और वंचित विरोधी रहा है।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस इस मामले को राजनीतिक रंग देने और कहानी गढ़ने की कोशिश कर रही है।
