नयी दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान ब्लॉक लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से जुड़ी आत्महत्या और हिंसा की घटनाओं को लेकर शनिवार को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा हमला बोला। भाजपा ने आरोप लगाया कि राज्य में एसआईआर प्रक्रिया को बाधित करने के लिए टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा दबाव, धमकी और हिंसा का सहारा लिया जा रहा है।
दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने दावा किया कि यादवपुर विधानसभा क्षेत्र के बीएलओ अशोक दास ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे थे, लेकिन कथित तौर पर टीएमसी कार्यकर्ताओं की लगातार धमकियों के चलते उन्होंने आत्महत्या कर ली। पात्रा ने आरोप लगाया कि दास को चेतावनी दी गई थी कि यदि मतदाता सूची से किसी घुसपैठिए का नाम हटाया गया तो उनके परिवार को जान से मार दिया जाएगा। उन्होंने इस घटना को “राजनीतिक हत्या” करार दिया।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आज पश्चिम बंगाल में चुनाव से जुड़े अधिकारी सुरक्षित नहीं हैं और उन पर इतना दबाव डाला जा रहा है कि वे चरम कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में बीडीओ कार्यालयों पर हमले इस तरह किए जा रहे हैं, जैसे वे किसी दुश्मन इलाके में हों। पात्रा के अनुसार, उत्तर दिनाजपुर जिले में एक बीडीओ कार्यालय पर करीब 300 लोगों ने हमला कर आगजनी की, जिससे लगभग 20 लाख रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचा।
पात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि मुर्शिदाबाद के फरक्का में बीडीओ कार्यालय पर हुए हमले के दौरान एक टीएमसी विधायक मौके पर मौजूद थे, लेकिन प्राथमिकी में उनका नाम दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर एसआईआर को रोकने और अवैध घुसपैठियों को संरक्षण देने के लिए हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
इसके साथ ही भाजपा ने पंजाब केसरी समाचारपत्र समूह के कार्यालय पर पंजाब पुलिस की छापेमारी को लोकतंत्र विरोधी बताते हुए आम आदमी पार्टी सरकार पर भी निशाना साधा। वहीं, मध्यप्रदेश के एक विधायक की विवादास्पद टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर कार्रवाई की मांग करते हुए पात्रा ने कहा कि पार्टी नेतृत्व को इस पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।
