उ.प्र. स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ का आंदोलन जारी, 7 नवम्बर तक नहीं मानी गई मांगे तो 10 नवम्बर से प्रदेशव्यापी कार्यबंदी

लखनऊ, 29 अक्टूबर – उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर निकाय कर्मचारियों का क्रमिक अनशन आज 29 अक्टूबर को भी काली पट्टी बांधकर जारी रहा। यह आंदोलन कर्मचारियों की 10 सूत्रीय प्रमुख मांगों के समर्थन में चल रहा है, जो 17 अक्टूबर से निरंतर जारी है।

महासंघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 7 नवम्बर तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होता, तो 10 नवम्बर से प्रदेशव्यापी कार्यबंदी शुरू की जाएगी।

महासंघ की ओर से जारी बयान में कहा गया कि कर्मचारियों की सेवा-संबंधी व अन्य लंबित समस्याओं — जैसे अकेन्द्रिय सेवा नियमावली का अनुपालन, दैनिक वेतन, संविदा और तदर्थ (धारा 108) कर्मचारियों का विनियमतीकरण, कैशलेस इलाज व्यवस्था, तथा पुरानी पेंशन बहाली जैसी मांगों पर शासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसी उपेक्षा के विरोध में यह आंदोलन पूरे प्रदेश में जारी है।

महासंघ के क्रमिक अनशन में 24 अक्टूबर से प्रदेश की विभिन्न इकाइयां क्रमवार भागीदारी निभा रही हैं। आज  नगर निगम गाजियाबाद और नगर पालिका हाथरस के कर्मचारी कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष राकेश अग्निहोत्री के नेतृत्व में अनशन पर बैठे। उनके साथ जयदेव कौशिक, संजय वर्मा, प्रदीप शर्मा, मनीश कुमार, संजय कुमार शर्मा और विजय स्वर्णकार शामिल रहे।

इस मौके पर लखनऊ इकाई के सभी सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से शशि कुमार मिश्र (प्रदेश अध्यक्ष), आनंद मिश्र, रामकुमार रावत, सैयद कैसर रजा, संतोष श्रीवास्तव, कबीर दास, विजय यादव, शैलेन्द्र तिवारी, जितेन्द्र सिद्धार्थ, नितिन त्रिवेदी, सुनीता भट्ट, बिंदु सिंह, अनिल दुबे, अनिल शुक्ल, राजेन्द्र कुमार, अजय द्विवेदी, दिग्विजय सिंह, अमरेन्द्र दीक्षित, श्रीधर, सुधाकर मिश्र, संजय श्रीवास्तव, शिवशंकर भारती, सूरज, विजेन्द्र कुमार, आकाश गुप्ता, शिवशंकर राय और संजय चन्द्रा शामिल रहे।

महासंघ ने कहा कि यह क्रमिक अनशन 7 नवम्बर तक जारी रहेगा, और यदि तब तक मांगों का समाधान नहीं किया गया तो 10 नवम्बर से प्रदेश की सभी इकाइयों में कार्यबंदी की जाएगी, जिसके तहत सभी सेवाएं बंद रहेंगी।

महासंघ ने उ.प्र. राज्य कर्मचारी महासंघ, इंदिरा भवन-जवाहर भवन कर्मचारी महासंघ, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद सहित अन्य संगठनों द्वारा मिले समर्थन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश के निकाय कर्मचारी अपनी जायज मांगों के समाधान के लिए बड़े संघर्ष को तैयार हैं, और अब आंदोलन को और व्यापक स्वरूप देने की तैयारी है।

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