सीतापुर, आठ जनवरी । उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में नगर पालिका परिषद प्रशासन ने समाजवादी पार्टी (सपा) की जनपद इकाई को 15 दिनों के भीतर अपना कार्यालय खाली करने का नोटिस जारी किया है। प्रशासन ने यह कार्रवाई जमीन के आवंटन को पूर्व में ही रद्द किए जाने का हवाला देते हुए की है।
नगर पालिका परिषद के अधिकारियों के अनुसार, 15 जनवरी 2005 को सपा को लगभग तीन हजार वर्ग फुट भूमि मात्र 100 रुपये वार्षिक किराये पर आवंटित की गई थी। हालांकि, अनिवार्य शर्तों के उल्लंघन के चलते 14 मई 2005 को यह आवंटन रद्द कर दिया गया था। अधिकारियों ने बताया कि नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि आवंटन रद्द होने के बावजूद परिसर का उपयोग जारी रखना नियमों के खिलाफ है।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी वैभव त्रिपाठी ने बृहस्पतिवार को कहा कि टाउन हॉल सार्वजनिक संपत्ति है और किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर पालिका इस परिसर का उपयोग जनहित में उसके मूल उद्देश्य के अनुरूप करना चाहती है।
इस कार्रवाई पर सपा ने कड़ा विरोध जताया है। पार्टी के जिलाध्यक्ष छत्रपाल यादव ने नोटिस को “अवैध” बताते हुए दावा किया कि सपा के पास जमीन के वैध पट्टे से जुड़े दस्तावेज मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी को पहले कोई सूचना नहीं दी गई और सात जनवरी को देर रात नोटिस चिपकाया गया। यादव ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं से परामर्श के बाद कानूनी जवाब दिया जाएगा।
सपा के पूर्व विधायक और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अनूप गुप्ता ने इस कदम को पक्षपातपूर्ण बताते हुए आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई कार्यालय सरकारी जमीन पर हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती। उन्होंने भी कानूनी सलाह के बाद नोटिस का जवाब देने की बात कही।
वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला ने कहा कि यदि किसी संपत्ति पर अवैध कब्जा है तो उसे खाली किया जाना चाहिए और यह नोटिस उचित प्रक्रिया के तहत जारी किया गया है। भाजपा प्रवक्ता एस. एन. सिंह ने भी कहा कि नगर पालिका द्वारा जारी नोटिस पूरी तरह से विधिसम्मत है।
