नई दिल्ली, 27 जनवरी। उत्तर भारत में 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर सोमवार को कड़ाके की ठंड का असर देखने को मिला। मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुबह आसमान साफ रहा, लेकिन ठंड तेज बनी रही। सफदरजंग मौसम केंद्र पर न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले की तुलना में दो डिग्री से अधिक कम रहा। दिल्ली का आयानगर सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 241 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार को दिल्ली में बारिश की संभावना जताते हुए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
कश्मीर घाटी में सोमवार शाम से एक बार फिर मौसम बदलने के संकेत मिले हैं। मौसम विभाग के अनुसार घाटी के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी, जबकि कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी हिमपात हो सकता है। गुलमर्ग घाटी का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान शून्य से 9 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो दिन बाद यातायात बहाल किया गया और फंसे वाहनों को सुरक्षित निकाला गया।
हिमाचल प्रदेश में भारी हिमपात के कारण जनजीवन प्रभावित रहा। स्थानीय संपर्क सड़कों के बंद होने से सैकड़ों पर्यटक मनाली में फंसे हुए हैं।
नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राजस्थान में मंगलवार को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 0.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा, जबकि जयपुर में न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
हरियाणा के हिसार में न्यूनतम तापमान 2.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में सबसे ठंडा स्थान रहा, जबकि पंजाब के बठिंडा में तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोनों राज्यों की साझा राजधानी चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में उत्तर भारत के कई हिस्सों में ठंड का असर बना रहेगा और पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश व हिमपात से जनजीवन और यातायात पर असर पड़ सकता है।
