लखनऊ, 7 नवंबर: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में समग्र स्वास्थ्य, योग और पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक नई पहल की है। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग ने उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति-2022 के तहत व्यक्तियों, संस्थानों और उद्यमियों को आरोग्य केंद्र और आरोग्य रिजॉर्ट स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा कि इस पहल का उद्देश्य न केवल समग्र स्वास्थ्य और पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को बढ़ावा देना है, बल्कि राज्य में पर्यटन, रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी सृजित करना है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को आधुनिक स्वास्थ्य पद्धतियों के साथ जोड़ते हुए ‘स्वास्थ्य एवं कायाकल्प पर्यटन’ का एक राष्ट्रीय केंद्र बन सकता है।
मंत्री ने कहा, “आज जब लोग प्राकृतिक चिकित्सा और स्वास्थ्य-आधारित जीवनशैली की ओर बढ़ रहे हैं, उत्तर प्रदेश के पास इस क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनने की अपार संभावनाएं हैं। हमारा लक्ष्य है कि हम योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक आयुष पद्धतियों को पर्यटन के साथ जोड़ें, ताकि पर्यटकों को तन और मन दोनों की शांति का अनुभव हो।”
अधिकारियों के अनुसार, नीति के तहत एक आरोग्य केंद्र में कम से कम पांच चिकित्सा कक्ष होने चाहिए, जहां आयुष आधारित चिकित्सा पद्धतियों — आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी — की सुविधाएं उपलब्ध हों। वहीं, एक आरोग्य रिजॉर्ट के लिए कम से कम एक एकड़ भूमि आवश्यक होगी, जिसमें 20 कमरे और प्रशिक्षित चिकित्सक हों जो इन सेवाओं को प्रदान करें।
ये केंद्र उन पर्यटकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होंगे जो शारीरिक उपचार, मानसिक शांति और समग्र कल्याण की तलाश में हैं। इससे राज्य में अनुभव-आधारित पर्यटन (Experience-Based Tourism) को बढ़ावा मिलेगा, जो ध्यान, योग और प्राकृतिक जीवन शैली पर केंद्रित होगा।
पर्यटन नीति-2022 के तहत इन आरोग्य परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार ने कई आर्थिक प्रोत्साहन भी तय किए हैं। इनमें पूंजी निवेश सहायता, ब्याज प्रतिपूर्ति, स्टांप शुल्क में छूट, भूमि रूपांतरण और विकास शुल्क में छूट, तथा रोजगार सृजन संबंधी सहायता शामिल हैं।
जयवीर सिंह ने कहा कि ये प्रोत्साहन छोटे और बड़े, दोनों प्रकार के निवेशकों के लिए हैं ताकि वे उत्तर प्रदेश में विश्व स्तरीय स्वास्थ्य एवं वेलनेस केंद्र विकसित कर सकें। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देगी बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए भी रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर खोलेगी।
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