लखनऊ, 24 जनवरी — उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि पिछले लगभग नौ वर्षों में राज्य ने विकास, सुरक्षा और समृद्धि की दिशा में ठोस प्रगति की है, और इससे प्रदेश की जनता सरकार से बड़ी आशा रखती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन-अपेक्षाओं पर खरा उतरना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों पर एक उच्चस्तरीय बैठक में विस्तार से विचार-विमर्श किया। उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी बजट का केंद्र लोककल्याण होना चाहिए और गरीब, किसान, श्रमिक, महिला, युवा और समाज के वंचित वर्ग के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना ही बजट की आत्मा होनी चाहिए।
बैठक में मुख्यमंत्री को विभागों और राज्य मंत्रियों (स्वतंत्र प्रभार) द्वारा प्रस्तुत बजट प्रस्तावों, नई मांगों और केंद्रीय बजट 2026-27 के परिप्रेक्ष्य में प्रस्तावों पर चर्चा से अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री ने बारी-बारी से विभागीय प्रमुख सचिवों से चालू वित्तीय वर्ष में बजट की प्रगति और खर्च की अद्यतन जानकारी भी ली।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 1 फरवरी को केंद्र सरकार का आम बजट आने वाला है, और उसके अनुसार उत्तर प्रदेश से जुड़े प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए विभागीय बजट प्रस्तावों में आवश्यक सुधार किए जाएं। उन्होंने बताया कि 2026-27 के प्रस्तावों में लोककल्याणकारी योजनाओं की निरंतरता, सामाजिक सुरक्षा का विस्तार और बुनियादी सुविधाओं को और मजबूत करना मुख्य लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था ही विकास और निवेश का आधार है। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस, न्याय और प्रशासन से जुड़े विभागों के प्रस्ताव जन-सुरक्षा, त्वरित न्याय और आम नागरिक के विश्वास को मजबूत करने वाले हों।
बैठक में यह भी बताया गया कि सड़क, भवन और अन्य अवसंरचनात्मक विकास से जुड़े प्रस्तावों का उद्देश्य प्रदेश की कनेक्टिविटी, औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ाना है, ताकि विकास का लाभ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों तक समान रूप से पहुंचे।
वित्तीय प्रबंधन पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोककल्याण और वित्तीय अनुशासन एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि संसाधनों का उपयोग इस प्रकार हो कि योजनाओं की गुणवत्ता बढ़े, समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित हो और जनता को वास्तविक परिणाम दिखाई दें।
योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि आगामी बजट जन-आकांक्षाओं, क्षेत्रीय आवश्यकताओं और दीर्घकालिक विकास को संतुलित रखते हुए तैयार किया जाए, ताकि वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट लोककल्याण, सुशासन और वित्तीय समृद्धि के माध्यम से प्रदेश की जनता के सपनों और अपेक्षाओं को पूरा करने वाला साबित हो।
