देहरादून, 15 जनवरी – उत्तराखंड के 108 सीमावर्ती गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए उत्तराखंड सरकार और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के बीच बृहस्पतिवार को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में ‘स्वस्थ सीमा अभियान’ के प्रथम चरण के तहत किए गए इस एमओयू का उद्देश्य पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी जिलों के सीमावर्ती गांवों में निवासरत नागरिकों को एकीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा भी मौजूद रहे।
समझौते के तहत आईटीबीपी योग्य चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, चिकित्सा जांच कक्ष और टेली-मेडिसिन सुविधाओं की व्यवस्था करेगी और सीमावर्ती गांवों का नियमित भ्रमण कर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगी। साथ ही लाभार्थियों के मेडिकल हेल्थ कार्ड और अन्य रिकॉर्ड का रख-रखाव तथा उपकरणों और दवाइयों का समुचित प्रबंधन भी सुनिश्चित किया जाएगा।
राज्य सरकार सीमावर्ती गांवों के जनसांख्यिकीय आंकड़े और प्रारंभिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराएगी और हर छह माह पर दवाइयों एवं आवश्यक सामग्रियों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। आपातकालीन परिस्थितियों में निकासी, दूरसंचार सहायता और उपकरण प्रतिस्थापन की जिम्मेदारी भी राज्य सरकार निभाएगी।
मुख्यमंत्री धामी ने ‘स्वस्थ सीमा अभियान’ को सीमावर्ती क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारने की दिशा में प्रभावी पहल बताया और कहा कि यह स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ विश्वास, सुरक्षा और स्थायित्व बढ़ाने में भी मदद करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार सीमांत क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और यह एमओयू उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
