ईरान में फंसे उत्तराखंड के लोगों की सुरक्षित वापसी की मांग, परिजन चिंतित

देहरादून, 5 मार्च । अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण ईरान तथा अन्य खाड़ी देशों में फंसे उत्तराखंड के लोगों को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस बीच हरिद्वार जिले के मंगलौर से कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने राज्य सरकार से नागरिकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी की व्यवस्था करने की गुहार लगाई है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ईरान और अन्य खाड़ी देशों में रह रहे उत्तराखंड के लोगों की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उनके नाम, पते और पासपोर्ट से जुड़ी जानकारियां एकत्र की जा रही हैं ताकि जरूरत पड़ने पर उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके।

इस बीच विधायक काजी निजामुद्दीन ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन को पत्र लिखकर ईरान में फंसे राज्य के नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए कदम उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने पत्र में कहा कि ईरान में मंगलौर समेत राज्य के कई नागरिक फंसे हुए हैं और वहां के बिगड़ते हालात को देखते हुए उनके परिजन बेहद चिंतित हैं।

उन्होंने राज्य सरकार से केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर वहां फंसे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें जल्द भारत वापस लाने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है। अपने पत्र के साथ काजी निजामुद्दीन ने मंगलौर क्षेत्र के 32 लोगों की सूची भी संलग्न की है, जो ईरान में पढ़ाई के लिए गए हुए हैं।

उधर, ईरान में बढ़ते तनाव के बीच वहां फंसे अपने परिजनों की सलामती को लेकर उनके परिवारों की चिंता बढ़ती जा रही है। देहरादून के अंबारी गांव के कई परिवार इन दिनों बेहद बेचैनी में दिन गुजार रहे हैं। उन्हें अपने प्रियजनों की खबर केवल कभी-कभार आने वाली कुछ सेकंड की फोन कॉल से ही मिल पा रही है।

अंबारी गांव के निवासी जाकिर हुसैन अपनी बेटी और दामाद की खैरियत जानने के लिए लगातार मोबाइल फोन पर नजर टिकाए रहते हैं। उनकी बेटी इस्लामी अध्ययन के लिए ईरान गई हुई है। जाकिर हुसैन ने बताया कि हाल ही में आधे मिनट की एक फोन कॉल आई थी, जिसमें उनकी बेटी ने बस इतना कहा कि वे ठीक हैं और फिर कॉल कट गई।

उन्होंने बताया कि उसके बाद से फोन लगातार बंद आ रहा है। जाकिर हुसैन ने कहा कि उनकी पत्नी पहले से ही बेचैनी और घबराहट से परेशान रहती हैं, इसलिए वह उन्हें वहां के पूरे हालात भी नहीं बता पा रहे हैं।

अंबारी गांव के ही निवासी अयूब खान का परिवार भी इसी तरह की चिंता में है। उनके भतीजे और उसकी पत्नी पिछले चार वर्षों से ईरान में इस्लामी अध्ययन कर रहे हैं। अयूब खान के अनुसार, बुधवार रात उनके भतीजे का फोन आया था और उसने बताया कि वह तेहरान से लगभग 100 किलोमीटर दूर अपने छात्रावास में सुरक्षित है, लेकिन हालात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

परिजनों का कहना है कि अब तक उनकी चिंता केंद्र सरकार या विदेश मंत्रालय तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाई है। जाकिर हुसैन ने बताया कि स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) के अधिकारी एक बार गांव आए थे और उन्होंने परिजनों के नाम, पते और पासपोर्ट से जुड़ी जानकारी जुटाई थी, लेकिन उसके बाद प्रशासन की ओर से कोई संपर्क नहीं किया गया।

इन परिवारों ने सरकार से अपील की है कि ईरान में फंसे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित भारत वापस लाया जाए। फिलहाल अंबारी गांव के इन परिवारों की हर सुबह इसी उम्मीद के साथ शुरू होती है कि शायद आज अपनों की सलामती की कोई अच्छी खबर मिले।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *