RNN, मुरादाबाद – मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और हवाई मार्गों में आई बाधा का असर अब भारतीय निर्यात पर भी पड़ने लगा है। खाड़ी देशों के ऊपर से गुजरने वाले कई हवाई मार्ग प्रभावित होने और दुबई एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद होने के कारण जिले के निर्यातकों द्वारा भेजे गए सैकड़ों कोरियर रास्ते में फंस गए हैं।
जानकारी के अनुसार अमेरिका और मिडिल ईस्ट के देशों के लिए भेजे गए हस्तशिल्प उत्पादों के सैंपल Dubai International Airport पर अटक गए हैं। इससे निर्यातकों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इन सैंपलों के आधार पर ही विदेशी खरीदार ऑर्डर कंफर्म करते हैं।
350 से अधिक कोरियर दुबई में फंसे
निर्यातकों के अनुसार करीब 350 कोरियर दुबई एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं, जिनमें हस्तशिल्प उत्पादों के सैंपल शामिल हैं। इन्हें तीन दिनों के भीतर अमेरिका और मिडिल ईस्ट के देशों तक पहुंचना था, लेकिन एयरस्पेस बंद होने की वजह से डिलीवरी में देरी हो रही है।
कोरियर कंपनियों का कहना है कि मध्य पूर्व के हवाई क्षेत्र में चल रहे तनाव के कारण कई उड़ानों का रूट बदला गया है, जिससे पार्सल देर से पहुंचेंगे।
ऑर्डर कंफर्म होने में लगेगा अधिक समय
निर्यातकों का कहना है कि आमतौर पर विदेशी खरीदारों को पहले सैंपल भेजे जाते हैं। सैंपल पसंद आने के बाद ही बड़े ऑर्डर कंफर्म किए जाते हैं। लेकिन मौजूदा स्थिति में सैंपल समय पर नहीं पहुंचने से ऑर्डर फाइनल होने में देरी होने की आशंका है।
द हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के सचिव सतपाल ने बताया कि युद्ध जैसे हालात के कारण सैंपल से लेकर ऑर्डर तक की सप्लाई प्रभावित हो रही है। वहीं एसोसिएशन के चेयरमैन जेपी सिंह ने कहा कि दुबई एयरस्पेस बंद होने की सूचना के बाद कोरियर कंपनियों ने ग्राहकों को पार्सल देर से पहुंचने का संदेश भेजा है।
रोजाना 500 से अधिक कोरियर विदेश भेजे जाते हैं
कोरियर कंपनियों के अनुसार जिले से प्रतिदिन 500 से अधिक हस्तशिल्प उत्पादों के कोरियर विदेश भेजे जाते हैं, जिनमें से करीब 250 कोरियर दुबई के रास्ते अमेरिका और मिडिल ईस्ट देशों में भेजे जाते हैं।
अब दुबई एयरस्पेस बंद होने के कारण इन कोरियर पर असर पड़ा है। कुछ कंपनियों ने पार्सल को दूसरे हवाई मार्गों से भेजने की व्यवस्था शुरू की है, लेकिन इससे डिलीवरी समय के साथ-साथ लागत भी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
निर्यातकों को उम्मीद है कि मध्य पूर्व में हालात सामान्य होने के बाद हवाई मार्ग जल्द बहाल होंगे, जिससे कोरियर और व्यापारिक गतिविधियां फिर से सुचारु हो सकेंगी।
