आयुष्मान भारत लागू होती तो बंगाल की 90 प्रतिशत आबादी रहती वंचित : अभिषेक बनर्जी

पुरुलिया, 21 जनवरी । तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को दावा किया कि यदि पश्चिम बंगाल में केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की जाती, तो उसकी सख्त पात्रता शर्तों के कारण राज्य की 90 प्रतिशत से अधिक आबादी इसके लाभ से वंचित रह जाती। उन्होंने कहा कि इसी वजह से राज्य सरकार ने सभी के लिए सुलभ ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना को प्राथमिकता दी है।

पुरुलिया जिले में आयोजित ‘तृणमूल रण संकल्प सभा’ को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना में पात्रता से जुड़ी ऐसी शर्तें हैं, जिनके चलते बड़ी आबादी स्वतः ही बाहर हो जाती है। उन्होंने कहा, “वे कहते हैं कि ममता बनर्जी सरकार ने बंगाल में आयुष्मान भारत योजना को रोका है। लेकिन सच्चाई यह है कि अगर आपके पास स्मार्टफोन, टीवी, मोटरसाइकिल, रेडियो या यहां तक कि पक्की छत भी है, तो आप इस योजना के लिए अयोग्य ठहरा दिए जाएंगे। ये शर्तें मोदी सरकार ने तय की हैं।”

अभिषेक बनर्जी ने कहा कि इसके विपरीत राज्य सरकार की ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना में ऐसी कोई शर्त नहीं है, इसलिए इसका लाभ समाज के हर वर्ग को मिल रहा है। उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य साथी योजना में कोई भेदभाव नहीं है। यही कारण है कि बंगाल के हर नागरिक को इसका लाभ मिल रहा है।”

पुरुलिया को राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का मजबूत गढ़ माना जाता है। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जिले की नौ में से छह सीटों पर जीत दर्ज की थी, जिनमें काशीपुर विधानसभा क्षेत्र भी शामिल है। इसी काशीपुर में अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को यह जनसभा आयोजित की।

टीएमसी नेता ने कहा कि ममता बनर्जी सरकार ने कभी यह नहीं देखा कि किसने तृणमूल को वोट दिया और किसने नहीं। उन्होंने दावा किया कि नकद रहित स्वास्थ्य सुविधा का लाभ पुरुलिया जिले की पूरी आबादी, करीब 28 लाख लोगों तक पहुंचाया गया है।

अभिषेक बनर्जी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा, “अगर बंगाल में आयुष्मान भारत योजना लागू होती, तो राज्य की करीब 10 करोड़ आबादी में से सिर्फ 90 लाख लोग ही इसके पात्र होते। इसका मतलब है कि 9.1 करोड़ लोग इस योजना से बाहर रह जाते। जबकि ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना सभी 10 करोड़ लोगों के लिए उपलब्ध है। अब जनता खुद तय करे कि उसे आयुष्मान भारत चाहिए या स्वास्थ्य साथी।”

गौरतलब है कि इससे पहले 17 जनवरी को मालदा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां आयुष्मान भारत योजना लागू नहीं है और टीएमसी सरकार राज्य के लोगों को इस योजना का लाभ उठाने से रोक रही है। प्रधानमंत्री ने इसे “क्रूर और निर्दयी सरकार” बताते हुए बंगाल में बदलाव की जरूरत पर जोर दिया था।

अभिषेक बनर्जी का यह बयान प्रधानमंत्री के इन्हीं आरोपों की पृष्ठभूमि में आया है, जिसमें उन्होंने केंद्र और राज्य की स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर सीधा राजनीतिक मुकाबला खड़ा कर दिया है।

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