‘आई-पैक’ पर ईडी की छापेमारी तृणमूल की रणनीति चुराने की कोशिश: ममता बनर्जी

‘आई-पैक’ पर ईडी की छापेमारी तृणमूल की रणनीति चुराने की कोशिश: ममता बनर्जी

कोलकाता, नौ जनवरी । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि ‘इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी’ (आई-पैक) के कार्यालय पर की गई छापेमारी का मकसद तृणमूल कांग्रेस की चुनावी रणनीति को “चोरी” करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राजनीतिक हथियार के रूप में काम कर रही है।

शुक्रवार को करीब दस किलोमीटर लंबे विरोध मार्च के बाद कोलकाता में आयोजित एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि गुरुवार को आई-पैक के कार्यालय और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर हुई छापेमारी के दौरान उनका वहां पहुंचना पूरी तरह उचित था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह वहां मुख्यमंत्री के तौर पर नहीं, बल्कि तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष के रूप में पहुंची थीं।

ममता ने कहा, “मैंने कल जो कुछ भी किया, वह पार्टी अध्यक्ष के रूप में किया। मैंने कोई गैरकानूनी काम नहीं किया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी सुबह छह बजे ही परिसर में दाखिल हो गई थी और जब वह करीब 11.45 बजे वहां पहुंचीं, तब तक “कई चीजें पहले ही ले जाई जा चुकी थीं।” तृणमूल प्रमुख ने दावा किया कि एजेंसी 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के रणनीतिक दस्तावेजों तक पहुंचने की कोशिश कर रही थी।

आई-पैक तृणमूल कांग्रेस को राजनीतिक परामर्श सेवाएं प्रदान करती है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी दलों को डराने और कमजोर करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा, “सभी एजेंसियों पर कब्जा कर लिया गया है।”

केंद्र सरकार पर हमला तेज करते हुए मुख्यमंत्री ने भाजपा पर कई राज्यों में सत्ता “जबरन हथियाने” का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “आपने ताकत के बल पर महाराष्ट्र, हरियाणा और बिहार की सत्ता पर कब्जा किया। क्या आपको लगता है कि आप बंगाल पर भी कब्जा कर सकते हैं?”

ममता बनर्जी ने कहा कि राजनीतिक हमले उनके संकल्प को और मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा, “जब भी कोई मुझे राजनीतिक रूप से निशाना बनाता है, मुझे नई ऊर्जा मिलती है और मैं और मजबूत होकर उभरती हूं।”

उन्होंने निर्वाचन आयोग को भी निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने उसकी मदद से महाराष्ट्र में जनादेश “चुरा लिया” और अब विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिए बंगाल में वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की जा रही है।

तृणमूल प्रमुख ने घोषणा की कि पार्टी का “अगला गंतव्य” नयी दिल्ली में निर्वाचन आयोग होगा, जहां एसआईआर के दौरान मतदाताओं के कथित उत्पीड़न के खिलाफ विरोध दर्ज कराया जाएगा।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *