आई-पैक कार्यालय पर ईडी की छापेमारी राजनीतिक बदले की कार्रवाई: अभिषेक बनर्जी

कोलकाता, 12 जनवरी । तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी ने राजनीतिक परामर्श देने वाली संस्था आई-पैक (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) के कार्यालय पर हाल में हुई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसी निष्पक्ष जांच के बजाय “सूचना चुराने” आई थी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राजनीतिक हिसाब-किताब चुकता करने के लिए ईडी का दुरुपयोग कर रही है।

सोमवार को पार्टी के ‘डिजिटल योद्धाओं’ के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने ईडी की कार्रवाई के उद्देश्य और औचित्य पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि एजेंसी वास्तव में आई-पैक के खिलाफ जांच कर रही थी, तो केवल पश्चिम बंगाल में ही उसके कार्यालय पर छापा क्यों मारा गया। उन्होंने पूछा कि हैदराबाद और दिल्ली जैसे अन्य स्थानों पर स्थित आई-पैक के कार्यालयों में इसी तरह की कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

गौरतलब है कि ईडी ने आठ जनवरी को कथित कोयला घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के सिलसिले में कोलकाता के साल्ट लेक स्थित आई-पैक कार्यालय और दक्षिण कोलकाता में उसके निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी की थी। इस दौरान राज्य के कुछ अन्य स्थानों और दिल्ली में भी कार्रवाई की गई थी।

अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर चयनात्मक कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि जांच वास्तव में कंपनी के खिलाफ थी, तो उसके सभी निदेशकों के आवासों की तलाशी ली जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा, “अगर मामला एक निदेशक से जुड़ा है तो बंगाल कार्यालय को निशाना क्यों बनाया गया? यह साफ तौर पर यह धारणा बनाने की कोशिश है कि पूरा संगठन ही दोषी है।”

उन्होंने यह भी कहा कि आई-पैक न केवल तृणमूल कांग्रेस को राजनीतिक परामर्श देता है, बल्कि पार्टी के आईटी और मीडिया संचालन का भी प्रबंधन करता है, इसलिए जानबूझकर बंगाल कार्यालय को निशाना बनाकर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की गई।

‘आमी बांग्लार डिजिटल जोद्धा’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए बनर्जी ने केंद्रीय एजेंसियों पर राजनीतिक संबद्धता के आधार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब भाजपा नेताओं पर भ्रष्टाचार या पैसे लेने के आरोप लगते हैं तो एजेंसियां आंख मूंद लेती हैं, लेकिन भाजपा का विरोध करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई होती है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जैसे ही कोई नेता भाजपा में शामिल होता है, वह तुलसी के पत्ते जितना पवित्र हो जाता है। जो विरोध करता है, उसे चोर करार दे दिया जाता है।”

अभिषेक बनर्जी ने पार्टी के ‘डिजिटल योद्धाओं’ से अपील की कि वे सोशल मीडिया के माध्यम से इस कथित झूठे विमर्श का मुकाबला करें और आम जनता को पूरे मामले की सच्चाई बताएं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग को उजागर करना आज लोकतंत्र की रक्षा के लिए जरूरी हो गया है।

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