लखनऊ, 18 फरवरी 2026 — उत्तर प्रदेश सरकार ने कृषि उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय में सुधार के उद्देश्य से विभिन्न कृषि परियोजनाओं के लिए कुल 65.15 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस पहल के तहत लखनऊ स्थित राजकीय कृषि प्रक्षेत्र अटारी में ‘भारत रत्न चौधरी चरण सिंह सीड पार्क’ की स्थापना के लिए 51 करोड़ 33 लाख 75 हजार रुपये जारी किए गए हैं।
प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि प्रस्तावित सीड पार्क किसानों को उच्च गुणवत्ता और उन्नत किस्म के प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने का एक प्रमुख केंद्र बनेगा। इससे फसल उत्पादन में वृद्धि, लागत में कमी और कृषि आय में स्थायी सुधार की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि आधुनिक बीज प्रौद्योगिकी और वैज्ञानिक उत्पादन प्रणाली के विस्तार से राज्य के कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।
सरकार ने कृषि विस्तार सेवाओं को मजबूत करने के लिए ‘सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन’ के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु 9 करोड़ 5 लाख 62 हजार 500 रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की है। इस योजना का उद्देश्य किसानों तक वैज्ञानिक कृषि तकनीकों, प्रशिक्षण और परामर्श सेवाओं की पहुंच बढ़ाना है, जिससे उत्पादन क्षमता और संसाधन दक्षता में सुधार हो सके।
इसके अतिरिक्त खाद्य तेल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ‘नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल’ (तिलहन विकास) के तहत 4 करोड़ 68 लाख 5 हजार 550 रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस निवेश से तिलहन उत्पादन में वृद्धि, आयात निर्भरता में कमी और कृषि विविधीकरण को गति मिलने की संभावना है।
उच्च शिक्षा और कृषि अनुसंधान अवसंरचना को सुदृढ़ करने के क्रम में आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कुमारगंज परिसर के अंतर्गत आजमगढ़ कैंपस में महिला छात्रावास के शेष निर्माण कार्यों के लिए 7.66 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। इस कदम से कृषि शिक्षा में महिला विद्यार्थियों की भागीदारी को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों के अनुसार बीज गुणवत्ता सुधार, कृषि विस्तार सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और तिलहन उत्पादन में निवेश जैसे कदम राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को अधिक प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ बनाएंगे। सरकार का मानना है कि इन पहलों से कृषि क्षेत्र में संरचनात्मक सुधार होंगे और तकनीकी नवाचारों के प्रसार को नई गति मिलेगी।
