अखिलेश यादव का योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला: “मुख्यमंत्री एक घुसपैठिए हैं, उन्हें उत्तराखंड वापस भेजा जाए”

लखनऊ, 12 अक्टूबर । समाजवादी पार्टी  के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “घुसपैठिया” करार दिया और कहा कि उन्हें उत्तराखंड वापस भेजा जाना चाहिए। यह विवादास्पद बयान उन्होंने रविवार को राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर लखनऊ के लोहिया पार्क में मीडिया से बातचीत के दौरान दिया।

अखिलेश ने कहा,

“जो लोग पलायन के आंकड़े दे रहे हैं, उन्हें यह भी देखना चाहिए कि उत्तर प्रदेश में भी घुसपैठिए हैं। मुख्यमंत्री खुद उत्तराखंड से हैं। हम चाहते हैं कि उन्हें वापस भेजा जाए। वह विचारधारा के लिहाज से भी घुसपैठिए हैं, क्योंकि वह भाजपा के सदस्य नहीं थे बल्कि किसी और संगठन से आए थे।”

अखिलेश का यह बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की हालिया टिप्पणी के जवाब में आया है, जिसमें शाह ने कुछ राजनीतिक दलों पर “घुसपैठियों को वोट बैंक के रूप में देखने” का आरोप लगाया था। शाह ने पूछा था कि घुसपैठ की घटनाएं गुजरात या राजस्थान में क्यों नहीं होतीं। इसी पर पलटवार करते हुए अखिलेश ने भाजपा नेतृत्व पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।

दलित उत्पीड़न और कानून व्यवस्था पर सवाल

रायबरेली में एक दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा कि दलितों और पिछड़ों के खिलाफ अत्याचार लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा,

“सबसे ज्यादा दलित उत्पीड़न इसी सरकार में हो रहा है। सरकार की ‘कतई बर्दाश्त नहीं’ नीति केवल कागजों तक सीमित है।”

उन्होंने पुलिस प्रशासन पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह राजनीतिक विरोधियों पर झूठे मुकदमे दर्ज करने में व्यस्त है।

योगी सरकार पर ‘झूठे आंकड़े’ पेश करने का आरोप

सपा प्रमुख ने भाजपा सरकार पर झूठे आंकड़े फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा,

“मुख्यमंत्री सफेद मेज पर बैठकर काला झूठ बोलते हैं। इसी मेज पर वह जनता से मिलते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि सबसे ज्यादा उत्पीड़न और भ्रष्टाचार उत्तर प्रदेश में ही हो रहा है।”

भाजपा के स्वदेशी नारे पर सवाल उठाते हुए अखिलेश ने पूछा कि जब भाजपा नेता स्वदेशी की बात करते हैं, तो फिर चीन के साथ व्यापार क्यों हो रहा है? उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार केवल व्यापारियों को लाभ पहुंचाने में जुटी है, ताकि उनसे चुनावी चंदा मिल सके।

राम मनोहर लोहिया को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अखिलेश ने कहा कि लोहिया ने जीवन भर जाति और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ लड़ाई लड़ी। उन्होंने कहा कि आज भी जाति के नाम पर वोट मांगे जा रहे हैं और सामाजिक अन्याय जारी है।

अखिलेश ने दावा किया कि अब जनता जागरूक हो रही है और सरकार की नाकामियों और दोहरी नीतियों को समझ रही है। उन्होंने कहा,

“हम पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नेतृत्व में नई सरकार बनाने के लिए संकल्पबद्ध हैं।”

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