लखनऊ में दीक्षांत परेड: 2026 बैच के आरक्षी बने उत्तर प्रदेश पुलिस का हिस्सा

लखनऊ। राजधानी में रविवार को अनुशासन, गर्व और नई जिम्मेदारियों का प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। लखनऊ स्थित 35वीं वाहिनी प्रादेशिक आर्म्ड कांस्टेबुलरी (पीएसी) के परेड मैदान में वर्ष 2026 के आरक्षी नागरिक पुलिस प्रशिक्षण बैच का भव्य दीक्षांत परेड समारोह गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। नौ माह की कठोर प्रशिक्षण प्रक्रिया पूरी करने के बाद रिक्रूट आरक्षियों ने कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन की शपथ ली और औपचारिक रूप से उत्तर प्रदेश पुलिस का हिस्सा बने।

समारोह के मुख्य अतिथि अपर पुलिस महानिदेशक पीएसी, उत्तर प्रदेश डॉ. रामकृष्ण स्वर्णकार रहे। परेड कमांडर के नेतृत्व में प्रशिक्षुओं ने मुख्य अतिथि को सलामी दी और सधे कदमों के साथ आकर्षक मार्च-पास्ट प्रस्तुत किया। परेड की ताल, अनुशासन और ऊर्जा ने उपस्थित अधिकारियों, अतिथियों और परिजनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। हर कदम में आत्मविश्वास और समर्पण स्पष्ट दिखाई दिया।

प्रशिक्षण के दौरान आरक्षियों को शारीरिक दक्षता, शस्त्र संचालन, भीड़ नियंत्रण, मानवाधिकार संरक्षण, आपदा प्रबंधन तथा कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं का गहन अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षकों ने उन्हें आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से सक्षम बनाया, ताकि वे बदलते समय में पुलिस व्यवस्था की आवश्यकताओं पर खरे उतर सकें।

समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को सम्मानित भी किया गया। सर्वांग सर्वोत्तम का पुरस्कार आशीष कुमार तिवारी को प्रदान किया गया। बाह्य कक्ष विषयों में हरिकेश यादव तथा अंतः कक्ष विषयों में हर्ष यादव ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। पुरस्कार प्राप्त करते समय प्रशिक्षुओं के चेहरे पर गर्व और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था।

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने कहा कि 35वीं वाहिनी पीएसी का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है और अब इस परंपरा को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी इन नव-नियुक्त आरक्षियों के कंधों पर है। उन्होंने सभी को ईमानदारी, निष्पक्षता और ‘सेवा, सुरक्षा, सहयोग’ के मूल मंत्र को अपने कर्तव्यों में अपनाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, प्रशिक्षण स्टाफ तथा बड़ी संख्या में परिजन उपस्थित रहे। अपने बेटों को वर्दी में देखकर परिजनों की आंखों में गर्व और खुशी साफ दिखाई दे रही थी। यह समारोह न केवल प्रशिक्षण की पूर्णता का प्रतीक बना, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए एक नई ऊर्जा और विश्वास का संदेश भी लेकर आया।

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