अयोध्या, 19 मार्च। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जहां एक ओर दुनिया के विभिन्न हिस्सों में युद्ध, अव्यवस्था और भय का माहौल है, वहीं भारत आज ‘राम राज्य’ की अनुभूति कर रहा है।
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक टकरावों के बीच अयोध्या धाम में हजारों लोग भयमुक्त होकर एकत्रित हैं और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव कर रहे हैं।
इस अवसर पर द्रौपदी मुर्मू ने चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना की। मुख्यमंत्री ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि इससे देश-दुनिया के सनातन धर्मावलंबियों में आनंद और उत्साह का संचार हुआ है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की पहचान ऋषि-मुनियों की तपस्या, किसानों के परिश्रम, कारीगरों की उद्यमिता और समाज की आस्था से बनी है, जिसने देश को ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के रूप में स्थापित किया है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को भारतीय नवसंवत्सर की शुभकामनाएं देते हुए सरयू नदी की पवित्रता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी अब सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ रही है और नववर्ष पर मंदिरों में दर्शन को प्राथमिकता दे रही है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आस्था को अंधविश्वास बताने वाले वही लोग हैं, जो राजनीतिक कारणों से कुछ स्थानों पर जाने से परहेज करते रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश में 156 करोड़ श्रद्धालु-पर्यटकों ने धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों का भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि काशी, प्रयागराज (महाकुंभ) और मथुरा-वृंदावन जैसे प्रमुख स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कई देशों की आबादी से भी अधिक है।
कार्यक्रम में आनंदीबेन पटेल, माता अमृतानंदमयी सहित अनेक संत, ट्रस्ट पदाधिकारी और हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले संतों, कारीगरों और श्रमिकों का भी अभिनंदन किया।
