ट्रंप परिवार को निशाना बनाने की साजिश का दावा, इवांका ट्रंप की हत्या की योजना में IRGC से जुड़े आरोपी की गिरफ्तारी

वॉशिंगटन, 23 मई 2026 (यूएनएस)। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के परिवार को निशाना बनाने की कथित साजिश सामने आने के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इराकी नागरिक मोहम्मद बाकेर साद दाऊद अल-सादी को गिरफ्तार किया गया है, जिस पर ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ा हुआ था और कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेना चाहता था।

रिपोर्टों के अनुसार आरोपी के पास फ्लोरिडा स्थित इवांका ट्रंप और उनके पति जैरेड कुशनर के घर से जुड़े नक्शे और अन्य जानकारियां मिली हैं। बताया जा रहा है कि उसने सोशल मीडिया पर उस इलाके का नक्शा साझा किया था, जहां इवांका का घर स्थित है। साथ ही अरबी भाषा में कथित धमकी भरे संदेश भी पोस्ट किए गए थे।

जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी अक्सर कहता था कि “ट्रंप ने हमारा घर जलाया है, इसलिए हमें इवांका को मारना होगा।” दावा किया गया है कि वह अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी को अपना आदर्श मानता था और उनकी मौत के बाद बदले की भावना से काम कर रहा था।

32 वर्षीय मोहम्मद अल-सादी को 15 मई को तुर्किये में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उसे अमेरिका लाया गया। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार उस पर अमेरिका और यूरोप में कई हमलों की साजिश रचने के आरोप हैं। जांच एजेंसियों ने दावा किया है कि उसका नाम एम्स्टर्डम में बैंक ऑफ न्यूयॉर्क मेलॉन पर फायरबॉम्ब हमले, लंदन में यहूदी नागरिकों पर चाकूबाजी, टोरंटो स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर गोलीबारी और बेल्जियम के लीज शहर में यहूदी उपासना स्थल पर बम धमाके जैसी घटनाओं से भी जुड़ा हुआ है।

रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि आरोपी के संबंध काताइब हिजबुल्लाह जैसे संगठनों से भी थे। बताया गया कि बचपन में उसे तेहरान भेजा गया, जहां उसने कथित तौर पर IRGC से प्रशिक्षण लिया। बाद में उसने धार्मिक यात्राओं से जुड़ी एक ट्रैवल एजेंसी शुरू की, जिसका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क बनाने के लिए किया गया।

अमेरिकी एजेंसियों के अनुसार आरोपी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय था और उसने विभिन्न देशों की यात्राओं के दौरान सैन्य ठिकानों, नक्शों और कासिम सुलेमानी से जुड़ी तस्वीरें साझा की थीं। उसके पास इराक का विशेष सेवा पासपोर्ट भी था, जिससे वह आसानी से कई देशों की यात्रा कर सकता था।

अब अमेरिकी एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि आरोपी किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा था या नहीं और उसके संपर्क किन-किन देशों तक फैले हुए थे।

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