सीआईसी ने आधार अपडेट में देरी पर जताई चिंता, यूआईडीएआई को समयसीमा तय करने के निर्देश

नई दिल्ली, 19 मार्च। केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने आधार विवरण को अद्यतन करने में हो रही देरी पर गंभीर चिंता व्यक्त की है और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) को स्पष्ट समयसीमा निर्धारित करने तथा शिकायत निवारण प्रणाली को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं।

यह टिप्पणी आयोग ने एक महिला की अपील का निपटारा करते हुए की। अपीलकर्ता ने अपने आधार कार्ड में जन्मतिथि सुधार के लिए आवेदन किया था, लेकिन आरोप लगाया कि आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बावजूद लंबे समय तक उस पर कार्रवाई नहीं हुई। देरी से परेशान होकर उन्हें अंततः दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख करना पड़ा।

सुनवाई के दौरान सीआईसी ने कहा कि उसके पास अक्सर जन्मतिथि, नाम की वर्तनी, लिंग और अन्य जनसांख्यिकीय विवरणों में सुधार से जुड़ी शिकायतें आती हैं। आयोग के अनुसार, ये समस्याएं मुख्य रूप से प्रक्रियाओं में देरी और स्पष्टता के अभाव के कारण उत्पन्न होती हैं।

आयोग ने स्पष्ट किया कि इस तरह के मामलों में नागरिकों को सूचना के अधिकार (आरटीआई) का सहारा लेने की आवश्यकता नहीं पड़नी चाहिए। आदर्श स्थिति में शिकायतों का समाधान संबंधित विभाग के प्रशासनिक ढांचे के भीतर ही समयबद्ध तरीके से हो जाना चाहिए।

प्रणालीगत सुधारों पर जोर देते हुए सीआईसी ने यूआईडीएआई को निर्देश दिया कि वह आधार में जनसांख्यिकीय विवरण अपडेट करने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाए। साथ ही, सभी आवेदनों के निस्तारण के लिए स्पष्ट समयसीमा तय कर उसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करे।

वहीं, सुनवाई के दौरान यूआईडीएआई ने आयोग को बताया कि संबंधित अपीलकर्ता के मामले में कार्रवाई पूरी कर ली गई है और उनकी जन्मतिथि सही कर दी गई है। प्राधिकरण ने यह भी कहा कि संबंधित आरटीआई आवेदन सूचना मांगने के बजाय एक शिकायत के रूप में था।

इन दलीलों को ध्यान में रखते हुए सीआईसी ने अपील का निपटारा करते हुए कहा कि सार्वजनिक प्राधिकरण का जवाब संतोषजनक है, लेकिन परिचालन तंत्र में निरंतर सुधार जरूरी है। आयोग ने उम्मीद जताई कि इससे आधार प्रणाली में जनता का विश्वास और मजबूत होगा।

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