लखनऊ, 19 दिसंबर 2025: उत्तर प्रदेश में कथित कोडीन-आधारित कफ सिरप गिरोह को लेकर शुक्रवार को राजनीतिक तकरार तेज हो गई। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा, जबकि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उन्हें कथित आरोपियों से जोड़कर पलटवार किया।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बयान का मजाक उड़ाया और सरकार की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए। यादव ने लिखा,
“नशाखोरी की जांच के लिए ‘सिरप टास्क फोर्स’ मतलब एसटीएफ के साथ-साथ जीटीएफ भी बना दीजिए। बाकी जनता समझदार है। भाजपाइयों के चेहरों पर हवाइयां क्यों उड़ी हुई हैं? कोडीन कफ सिरप की सच्चाई ये जानते हैं, तभी खुद नहीं पी, इसीलिए बीच में किसी को खांसी भी आ गई।”
हालांकि यादव ने ‘जीटीएफ’ का पूरा मतलब स्पष्ट नहीं किया।
यादव की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पत्रकारों को एक तस्वीर दिखाई, जिसमें उन्होंने दावा किया कि यादव कथित कफ सिरप रैकेट से जुड़े लोगों के साथ दिखाई दे रहे हैं। पाठक ने कहा,
“समाजवादी पार्टी प्रमुख के साथ खड़े दिख रहे ये लोग वही हैं जो कफ सिरप रैकेट में आरोपी हैं। वे जवाबदेही से बचने की कोशिश करते हुए दूसरों पर आरोप लगा रहे हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जारी जांच से सभी तथ्य स्पष्ट हो जाएंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पाठक ने समाजवादी पार्टी से अपील की कि वे तस्वीर में मौजूद व्यक्तियों की स्थिति स्पष्ट करें, यह दावा करते हुए कि वे पार्टी के सदस्य थे जो सपा शासनकाल के दौरान सक्रिय थे।
यह जुबानी जंग ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य पुलिस और संबंधित एजेंसियां कथित अवैध नेटवर्क के भंडारण और वितरण के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं।
