राम मंदिर सीईओ पद के लिए पहला आवेदन पहुंचा, पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने भेजा बायोडाटा

राम मंदिर सीईओ पद के लिए पहला आवेदन पहुंचा, पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने भेजा बायोडाटा अयोध्या, 14 जुलाई। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही पहला आवेदन प्राप्त हो गया है। यह आवेदन पूर्व आईपीएस अधिकारी और पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर की ओर से भेजा गया है। ट्रस्ट ने इस पद के लिए सोमवार को अधिसूचना जारी करते हुए इच्छुक उम्मीदवारों से 18 जुलाई तक आवेदन आमंत्रित किए हैं। अमिताभ ठाकुर ने ट्रस्ट को अपना बायोडाटा और आवेदन भेजने की पुष्टि करते हुए कहा कि वह विज्ञापन में निर्धारित सभी पात्रताओं को पूरा करते हैं और स्वयं को इस पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवार मानते हैं। उनका कहना है कि प्रशासनिक सेवा में लंबे अनुभव के आधार पर वह श्रीराम जन्मभूमि परिसर के प्रशासन और प्रबंधन को प्रभावी ढंग से संचालित कर सकते हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सीईओ पद के लिए जारी अधिसूचना में प्रशासनिक दक्षता के साथ धार्मिक आस्था को भी महत्वपूर्ण पात्रता के रूप में शामिल किया है। आवेदन करने वाले उम्मीदवार का हिंदू, वैष्णव परंपरा का अनुयायी तथा भगवान श्रीराम का भक्त होना आवश्यक होगा। साथ ही, किसी बड़े हिंदू मंदिर या धार्मिक संस्थान के प्रबंधन का अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है। ट्रस्ट ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर आवेदन प्रारूप, सेवा शर्तें और पात्रता संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आवेदन ई-मेल के माध्यम से स्वीकार किए जा रहे हैं। अधिसूचना के अनुसार, सीईओ पद के लिए आवेदक की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक निर्धारित की गई है, जबकि आयु सीमा 50 से 70 वर्ष रखी गई है। इसके अलावा अभ्यर्थी के पास किसी सार्वजनिक संस्था, सरकारी विभाग, बड़े संगठन या निजी कंपनी में कम से कम 20 वर्ष का प्रबंधकीय अनुभव होना अनिवार्य है। यह अनुभव सामान्य प्रशासन, वित्त, लेखा, मानव संसाधन, जनसंपर्क, सूचना प्रौद्योगिकी, सुरक्षा या विधिक कार्य जैसे क्षेत्रों में होना चाहिए। ट्रस्ट के अनुसार, चयनित सीईओ का प्रारंभिक कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। कार्य संतोषजनक पाए जाने पर सेवा अवधि आगे भी बढ़ाई जा सकेगी। वेतन एवं अन्य सेवा शर्तें आपसी सहमति के आधार पर निर्धारित की जाएंगी। मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीधे ट्रस्ट के महासचिव के प्रति जवाबदेह होगा। ट्रस्ट के सभी प्रशासनिक, वैधानिक और वित्तीय कार्यों के संचालन के साथ-साथ समय-समय पर ट्रस्ट द्वारा सौंपे जाने वाले विशेष दायित्वों का निर्वहन भी सीईओ की जिम्मेदारी होगी। राम मंदिर के संचालन और प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित एवं पेशेवर बनाने की दिशा में ट्रस्ट द्वारा सीईओ पद का सृजन महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर का पहला आवेदन इस नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर चर्चाओं का केंद्र बन गया है।

अयोध्या, 14 जुलाई। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही पहला आवेदन प्राप्त हो गया है। यह आवेदन पूर्व आईपीएस अधिकारी और पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर की ओर से भेजा गया है। ट्रस्ट ने इस पद के लिए सोमवार को अधिसूचना जारी करते हुए इच्छुक उम्मीदवारों से 18 जुलाई तक आवेदन आमंत्रित किए हैं।

अमिताभ ठाकुर ने ट्रस्ट को अपना बायोडाटा और आवेदन भेजने की पुष्टि करते हुए कहा कि वह विज्ञापन में निर्धारित सभी पात्रताओं को पूरा करते हैं और स्वयं को इस पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवार मानते हैं। उनका कहना है कि प्रशासनिक सेवा में लंबे अनुभव के आधार पर वह श्रीराम जन्मभूमि परिसर के प्रशासन और प्रबंधन को प्रभावी ढंग से संचालित कर सकते हैं।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सीईओ पद के लिए जारी अधिसूचना में प्रशासनिक दक्षता के साथ धार्मिक आस्था को भी महत्वपूर्ण पात्रता के रूप में शामिल किया है। आवेदन करने वाले उम्मीदवार का हिंदू, वैष्णव परंपरा का अनुयायी तथा भगवान श्रीराम का भक्त होना आवश्यक होगा। साथ ही, किसी बड़े हिंदू मंदिर या धार्मिक संस्थान के प्रबंधन का अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है।

ट्रस्ट ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर आवेदन प्रारूप, सेवा शर्तें और पात्रता संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आवेदन ई-मेल के माध्यम से स्वीकार किए जा रहे हैं।

अधिसूचना के अनुसार, सीईओ पद के लिए आवेदक की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक निर्धारित की गई है, जबकि आयु सीमा 50 से 70 वर्ष रखी गई है। इसके अलावा अभ्यर्थी के पास किसी सार्वजनिक संस्था, सरकारी विभाग, बड़े संगठन या निजी कंपनी में कम से कम 20 वर्ष का प्रबंधकीय अनुभव होना अनिवार्य है। यह अनुभव सामान्य प्रशासन, वित्त, लेखा, मानव संसाधन, जनसंपर्क, सूचना प्रौद्योगिकी, सुरक्षा या विधिक कार्य जैसे क्षेत्रों में होना चाहिए।

ट्रस्ट के अनुसार, चयनित सीईओ का प्रारंभिक कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। कार्य संतोषजनक पाए जाने पर सेवा अवधि आगे भी बढ़ाई जा सकेगी। वेतन एवं अन्य सेवा शर्तें आपसी सहमति के आधार पर निर्धारित की जाएंगी।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीधे ट्रस्ट के महासचिव के प्रति जवाबदेह होगा। ट्रस्ट के सभी प्रशासनिक, वैधानिक और वित्तीय कार्यों के संचालन के साथ-साथ समय-समय पर ट्रस्ट द्वारा सौंपे जाने वाले विशेष दायित्वों का निर्वहन भी सीईओ की जिम्मेदारी होगी।

राम मंदिर के संचालन और प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित एवं पेशेवर बनाने की दिशा में ट्रस्ट द्वारा सीईओ पद का सृजन महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर का पहला आवेदन इस नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर चर्चाओं का केंद्र बन गया है।

Related Post

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *