गाय को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिलाकर ही रहूंगा-अविमुक्तेश्वरानंद

ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती

लखनऊ,12 जुलाई (यूएनएस)। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने रविवार को बाराबंकी दौरे के दौरान गौ संरक्षण के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उनका संकल्प गाय को “राष्ट्रीय माता” का दर्जा दिलाना है और इस उद्देश्य की पूर्ति तक उनका अभियान जारी रहेगा।

बाराबंकी पहुंचने पर विभिन्न स्थानों पर शंकराचार्य का स्वागत किया गया। दौरे के दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि देश की राजनीति में गौ संरक्षण को लेकर गंभीरता की कमी दिखाई दे रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब महाराष्ट्र सरकार अपने राज्य में गाय को “राज्यमाता” का दर्जा दे सकती है, तो उत्तर प्रदेश सरकार ऐसा कदम क्यों नहीं उठा रही है।

शंकराचार्य ने कहा कि जो सरकार स्वयं को हिंदू हितों की पक्षधर बताती है, उसे गाय को केवल एक पशु मानने के बजाय उसे माता का सम्मान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी दृष्टि में गाय को केवल पशु कहना धार्मिक दृष्टि से अनुचित है और वह गाय को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिलाने के लिए देशभर में जनजागरण अभियान चला रहे हैं।

उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका अभियान किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष का नहीं, बल्कि गौ संरक्षण के उद्देश्य से जुड़ा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकारें इस विषय पर संवेदनशील नहीं होंगी तो जनमत के माध्यम से उन पर दबाव बनाया जाएगा।

शंकराचार्य ने अपने संबोधन में मुस्लिम समाज का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आपसी सौहार्द और भाईचारे की भावना से कई मुस्लिम समुदायों ने गौ सम्मान के प्रति सकारात्मक रुख अपनाया है। उन्होंने बकरीद के दौरान गौहत्या नहीं होने की बात का उल्लेख करते हुए मुस्लिम समाज की सराहना की और कहा कि सामाजिक सद्भाव के लिए ऐसे प्रयास महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अभिन्न अंग रही है। इसलिए गौ संरक्षण केवल धार्मिक विषय नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

शंकराचार्य के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में गौ संरक्षण और “राष्ट्रीय माता” के दर्जे को लेकर बहस तेज होने की संभावना है। हालांकि उत्तर प्रदेश सरकार या भारतीय जनता पार्टी की ओर से उनके बयान पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Related Post

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *