ब्राउन यूनिवर्सिटी में भगवान श्रीराम पर कथित टिप्पणी का मामला, राहुल की ओर से वकालतनामा दाखिल कर मांगा गया समय
वाराणसी, 09 जुलाई। अमेरिका के बोस्टन स्थित ब्राउन यूनिवर्सिटी में भगवान श्रीराम को लेकर कथित टिप्पणी के मामले में कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दायर अर्जी पर गुरुवार को सुनवाई नहीं हो सकी। राहुल गांधी की ओर से अधिवक्ताओं ने अदालत में वकालतनामा दाखिल कर पक्ष रखने के लिए समय मांगा, जिसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 जुलाई की तारीख तय कर दी।
मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए मामलों की अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (चतुर्थ) की अदालत में हुई। राहुल गांधी की ओर से अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी और अनुज यादव ने अदालत में वकालतनामा दाखिल करते हुए जवाब प्रस्तुत करने के लिए समय देने का अनुरोध किया। अदालत ने उनकी मांग स्वीकार करते हुए सुनवाई स्थगित कर दी।
यह अर्जी अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय ने दायर की है। अर्जी में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने 21 अप्रैल 2025 को अमेरिका के बोस्टन स्थित ब्राउन यूनिवर्सिटी में छात्रों के साथ आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीराम को लेकर विवादित टिप्पणी की थी।
परिवादी का आरोप है कि राहुल गांधी ने भगवान श्रीराम को “पौराणिक” बताते हुए उनसे जुड़ी कथाओं को काल्पनिक बताया तथा उनके अस्तित्व पर सवाल उठाए। अर्जी में कहा गया है कि इस कथित टिप्पणी से करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने राम मंदिर के प्रति भी आपत्तिजनक टिप्पणी की।
इस मामले में दायर मूल परिवाद को 27 मई 2025 को निचली अदालत ने पोषणीय नहीं मानते हुए खारिज कर दिया था। इसके बाद परिवादी ने सत्र न्यायालय में पुनरीक्षण याचिका (रिवीजन) दाखिल की थी। सत्र न्यायालय ने सुनवाई के बाद निचली अदालत के आदेश को निरस्त करते हुए मामले पर दोबारा सुनवाई करने का निर्देश दिया था।
इसी क्रम में चल रही कार्यवाही के दौरान अब राहुल गांधी की ओर से वकालतनामा दाखिल किया गया है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के लिए अगली सुनवाई 24 जुलाई निर्धारित की है।
