उद्योगों की मांग के अनुरूप युवाओं को दक्ष बना रही योगी सरकार, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार पर विशेष जोर

उद्योगों की मांग के अनुरूप युवाओं को दक्ष बना रही योगी सरकार, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार पर विशेष जोर

लखनऊ, 7 जुलाई। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश के युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। इसी क्रम में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग की समीक्षा बैठक में युवाओं के लिए आधुनिक तकनीक आधारित, रोजगारपरक और अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

आईटीआई और कौशल विकास केंद्रों की होगी नियमित निगरानी, आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण को मिलेगा बढ़ावा

विधानभवन में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने की। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक युवा को ऐसा कौशल प्रदान करना है, जिससे वह रोजगार प्राप्त करने के साथ-साथ स्वरोजगार के माध्यम से भी आत्मनिर्भर बन सके।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग की सभी योजनाओं की जनपद और मुख्यालय स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए तथा प्रत्येक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) और कौशल विकास केंद्र की कार्यप्रणाली एवं प्रगति की निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जाए।

रोजगारपरक अल्पकालिक पाठ्यक्रमों पर रहेगा विशेष फोकस

बैठक में निर्देश दिए गए कि वर्तमान औद्योगिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अधिक से अधिक अल्पकालिक और रोजगारपरक कौशल पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएं। प्रशिक्षण कार्यक्रमों में तकनीकी दक्षता के साथ-साथ संवाद कौशल, डिजिटल शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, साक्षात्कार की तैयारी, जीवनवृत्त (रिज्यूमे) लेखन तथा सॉफ्ट स्किल जैसे विषयों को भी शामिल किया जाए, ताकि प्रशिक्षित युवाओं की रोजगार क्षमता और अधिक मजबूत हो सके।

राज्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से प्रभावी ढंग से जोड़ना भी है।

अटल आवासीय विद्यालयों में आधुनिक कौशल प्रशिक्षण

बैठक में अटल आवासीय विद्यालयों में संचालित कौशल विकास कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रशिक्षण प्राप्त कर सफलता हासिल करने वाले युवाओं की प्रेरक कहानियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक युवा इन योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित हों।

साथ ही प्रशिक्षण संस्थानों में रोबोटिक्स, स्वचालन, संगणक नियंत्रित मशीनिंग (सीएनसी), डिजिटल विनिर्माण तथा उद्योग 4.0 जैसी आधुनिक तकनीकों से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।

प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर

बैठक में विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, रोजगार उपलब्धता, उद्योगों के साथ समन्वय, डिजिटल मंचों के उपयोग, प्रशिक्षण भागीदारों के प्रदर्शन, निर्माण कार्यों तथा भविष्य की कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

इसके अलावा प्रशिक्षण संस्थानों की क्षमता वृद्धि, ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार, प्रशिक्षण भागीदारों के प्रदर्शन मूल्यांकन तथा लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

कुशल मानव संसाधन वाला अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य

बैठक में कहा गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी कौशलयुक्त मानव संसाधन वाला राज्य बनाने के लिए विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, प्रत्येक प्रशिक्षित युवा को रोजगार अथवा स्वरोजगार का अवसर मिले और प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए पर्याप्त संख्या में कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराया जा सके।

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