लखनऊ, 07 जुलाई 2026 (यूएनएस)। राजधानी लखनऊ के बंथरा थाना क्षेत्र में बकरी को बाइक से टक्कर लगने के बाद हुई मारपीट में घायल युवक की उपचार के दौरान मौत हो जाने पर मंगलवार को परिजनों और ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। करीब साढ़े पांच घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, बंथरा थाना क्षेत्र के मवई पड़ियाना गांव निवासी 32 वर्षीय जितेंद्र कुमार 27 जून को अपनी बाइक की मरम्मत कराने मवई चौराहा जा रहे थे। रास्ते में उनकी बाइक से एक बकरी को हल्की टक्कर लग गई। आरोप है कि इसी बात को लेकर गांव के महिपाल रावत और उसके भतीजे अनीस सहित अन्य लोगों ने जितेंद्र के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
बकरी को बाइक से टक्कर लगने के विवाद में 10 दिन पहले हुई थी मारपीट, गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज
घटना के बाद परिजनों ने उन्हें दुबग्गा स्थित न्यू लखनऊ सिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। मृतक के चाचा अनिल कुमार के अनुसार, घटना के बाद उन्होंने बंथरा थाने में शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया था, लेकिन आरोपी पक्ष द्वारा इलाज का पूरा खर्च उठाने का आश्वासन दिए जाने पर दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। उनका आरोप है कि कुछ समय बाद आरोपियों ने इलाज का खर्च देना बंद कर दिया, जिसके चलते उपचार प्रभावित हुआ और अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद जितेंद्र को उनकी बहन पिंकी के घर खुशहालगंज ले जाया गया, जहां सोमवार रात उनकी मौत हो गई।
मंगलवार तड़के परिजन दोबारा बंथरा थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। परिजनों का आरोप है कि तत्काल रिपोर्ट दर्ज न किए जाने पर उनका आक्रोश बढ़ गया। इसके बाद उन्होंने फतेहगंज-नारायणपुर रोड स्थित मवई चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही बंथरा थाना प्रभारी राणा राजेश सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। बाद में कृष्णानगर के सहायक पुलिस आयुक्त अभिषेक कुमार पांडेय भी मौके पर पहुंचे, लेकिन परिजन और ग्रामीण एफआईआर दर्ज होने तक प्रदर्शन पर डटे रहे।
करीब सुबह आठ बजे शुरू हुआ प्रदर्शन दोपहर लगभग डेढ़ बजे समाप्त हुआ, जब पुलिस ने मृतक के पिता रामकुमार रावत की तहरीर पर आरोपी महिपाल रावत के खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को जांच के दौरान अन्य नामों को भी शामिल करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।
मृतक के छोटे भाई सुमित ने बताया कि घटना वाले दिन वह अपने भाई के साथ बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान बाइक से एक बकरी छू गई, जिसके बाद महिपाल और अनीस सहित अन्य लोगों ने दोनों भाइयों पर हमला कर दिया। उनका आरोप है कि कुछ लोगों ने उन्हें पकड़ रखा था, जबकि अन्य लोग उनके भाई की पिटाई कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि समय पर इलाज के लिए आर्थिक सहायता मिल जाती तो संभवतः उनके भाई की जान बच सकती थी।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
