योगी सरकार में यूपी के आम को मिली वैश्विक पहचान, आम महोत्सव का हुआ समापन

लखनऊ, 05 जुलाई (यूएनएस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2026’ का रविवार को समापन हो गया। समापन समारोह में प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने 180 से अधिक विजेताओं को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया।

उद्यान मंत्री ने आम की विभिन्न प्रजातियों की सात श्रेणियों एवं 56 वर्गों की प्रतियोगिता में 51 विजेताओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के कुल 147 पुरस्कार प्रदान किए। आम आधारित संरक्षित उत्पादों की प्रतियोगिता के 11 वर्गों में 19 विजेताओं को 33 पुरस्कार तथा आम पकवान प्रतियोगिता के तीन विजेताओं को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए।

आम के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शक का पुरस्कार मलिहाबाद के मोहम्मद इकबाल अहमद (प्रो. मेसर्स अवध नर्सरी) को चौंसा प्रजाति के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया गया। सर्वाधिक 20 पुरस्कार मोहम्मद इकबाल अहमद को मिले, जबकि मोहम्मद अब्दुल सलीम (जैद नर्सरी, मलिहाबाद) को 17 और सुरेश चंद्र शुक्ला (गोमती नगर, लखनऊ) को 14 पुरस्कार प्राप्त हुए।

प्रदर्शनी में सर्वाधिक 190 प्रजातियों का प्रदर्शन करने पर सुरेश चंद्र शुक्ला को प्रथम, 92 प्रजातियों के प्रदर्शन पर उपेंद्र सिंह (अवध आम उत्पादक सहकारी संघ, माल, लखनऊ) को द्वितीय तथा 24 प्रजातियों के प्रदर्शन पर सूर्य मणि यादव (जौनपुर) को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

8 से 12 वर्ष आयु वर्ग की आम खाने की प्रतियोगिता में रुचिर शुक्ला (लखनऊ) ने प्रथम, अरिक्ता सिंह (लखनऊ) ने द्वितीय तथा दीपांशु यादव (बस्ती) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

महोत्सव में आम की लगभग 800 प्रजातियों के नमूने प्रदर्शित किए गए। दशहरी, लंगड़ा, चौंसा, गौरजीत, लखनऊ सफेदा, रटौल और आम्रपाली जैसी प्रसिद्ध प्रजातियों के साथ अवध अभया, अवध समृद्धि, सुंदरजा, वनराज, टॉमी एटकिन्स, सेंसेशन, अरुणिका और अंबिका जैसी रंगीन प्रजातियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं।

महोत्सव में आम की विभिन्न प्रजातियों के 1,390 प्रतिभागियों द्वारा 2,667 नमूने तथा आम के संरक्षित उत्पाद वर्ग में 111 प्रतिभागियों द्वारा 365 नमूने प्रदर्शित किए गए। इस प्रकार कुल 1,501 प्रतिभागियों ने 3,032 नमूने प्रस्तुत किए, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग छह प्रतिशत अधिक रहे।

प्रदर्शनी में हाईटेक नर्सरियों में तैयार कमल, ड्रैगन फ्रूट और खजूर के पौधों के साथ आम की आइसक्रीम, आम जलेबी, आम पना, आम हलवा और आम रसगुल्ले जैसे उत्पाद भी आकर्षण का केंद्र रहे।

समापन दिवस पर किसानों, उद्यमियों, महिला स्वयं सहायता समूहों और विद्यार्थियों के लिए खाद्य प्रसंस्करण एवं रोजगार सृजन विषय पर तकनीकी सत्र आयोजित किया गया। इसमें पीएम सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME), उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023, डिहाइड्रेशन तकनीक, मूल्य संवर्धन, फूड सेफ्टी, विपणन और स्वरोजगार के विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी। किसानों को बताया गया कि पीएमएफएमई योजना के तहत लघु एवं सूक्ष्म उद्योग स्थापना पर 35 प्रतिशत (अधिकतम एक लाख रुपये) तथा उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने पर 35 प्रतिशत (अधिकतम पांच करोड़ रुपये) तक का अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।

उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उद्यान विभाग किसानों की आय बढ़ाने और उत्तर प्रदेश के आम को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए लगातार नवाचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसानों की आय बढ़ाने के संकल्प को उत्तर प्रदेश सरकार आधुनिक तकनीक, निर्यात संवर्धन और मूल्य संवर्धन के माध्यम से धरातल पर उतार रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश का आम 30 से अधिक देशों में निर्यात किया जा रहा है तथा नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के शुरू होने से निर्यात लागत में कमी आएगी और कार्गो विमानों के माध्यम से प्रदेश का आम सीधे वैश्विक बाजारों तक पहुंचेगा।

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