लखनऊ, 30 जून। उत्तर प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दस्तक दे दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार मंगलवार को मानसून प्रदेश के कुछ हिस्सों तक पहुंच गया है। अगले दो से तीन दिनों में इसके पूरे उत्तर प्रदेश में सक्रिय होने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून के आगे बढ़ने के साथ प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां तेज होंगी, जिससे भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने की उम्मीद है।
आजमगढ़, अयोध्या और बरेली तक पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मानसून, जुलाई के पहले सप्ताह में तेज बारिश के आसार
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मंगलवार को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के शेष हिस्सों के साथ उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों तथा उत्तराखंड के अधिकांश भागों में भी प्रगति की है। फिलहाल मानसून की उत्तरी सीमा आजमगढ़, अयोध्या, बरेली और देहरादून से होकर गुजर रही है।
मौसम विभाग का कहना है कि वायुमंडलीय परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। यदि मौजूदा स्थिति बनी रहती है तो अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून उत्तर प्रदेश के शेष जिलों और उत्तराखंड के बाकी हिस्सों में भी पहुंच जाएगा।
जुलाई के पहले सप्ताह में तेज होगी बारिश
आईएमडी के अनुसार समुद्र तल से लगभग 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैली मौसमी द्रोणी (मानसूनी ट्रफ) पंजाब से होकर उत्तर प्रदेश के रास्ते उत्तरी बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है। इस प्रणाली के प्रभाव से जुलाई के पहले सप्ताह में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में वर्षा की गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश भी दर्ज की जा सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून के सक्रिय होने से अधिकतम तापमान में गिरावट आएगी और कई दिनों से जारी उमस, लू तथा भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी। साथ ही किसानों के लिए खरीफ फसलों की बुवाई की परिस्थितियां भी बेहतर होंगी।
अब तक सामान्य से काफी कम हुई वर्षा
आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 30 जून के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में केवल 45.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 108.3 मिलीमीटर मानी जाती है। इस प्रकार क्षेत्र में अब तक लगभग 58 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।
मौसम विभाग का मानना है कि जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून के सक्रिय होने के बाद वर्षा में तेजी आएगी, जिससे वर्षा की कमी की भरपाई होने की संभावना है। हालांकि विभाग ने लोगों से मौसम संबंधी ताजा पूर्वानुमानों और चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की भी अपील की है।
