राम मंदिर दान प्रकरण पर अयोध्या पहुंचे केजरीवाल, बोले- ‘बिना एफआईआर एसआईटी सिर्फ लीपापोती का जरिया’

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल गुरुवार को अयोध्या दौरे पर पहुंचे।

लखनऊ/अयोध्या 25 जून 202- | आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल आज उत्तर प्रदेश के लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से वे सीधे अयोध्या के लिए रवाना हुए। एयरपोर्ट पर ‘आप’ कार्यकर्ताओं ने रोली तिलक लगाकर नारेबाजी करते हुए उनका भव्य जोरदार स्वागत किया। इस दौरान राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता उनके साथ मौजूद रहे।

​लखनऊ एयरपोर्ट पर मीडिया कर्मियों को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने अरबों रुपए के चढ़ावा चोरी मामले को लेकर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर निशाना साधा। उन्होंने देशवासियों से कहा कि सोचिए, चंपत राय ने प्रधानमंत्री को हिसाब देने से मना कर दिया। चंपत राय की इतनी हिम्मत कैसे हो गई? चंपत राय ऐसे क्या राज जानते हैं कि प्रधानमंत्री भी उनके सामने मजबूर हैं? और दूसरी ओर एसआईटी छोटे-छोटे कर्मचारियों को बुला कर करोड़ों हिन्दुओं की आंखों में धूल झोंक रही है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को वह पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी व सांसद संजय सिंह के साथ भगवान श्रीराम का दर्शन करेंगे और हनुमानगढ़ी जाकर संतों से मुलाकात भी करेंगे।

मीडिया से बातचीत के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अयोध्या में श्री रामचंद्र जी के मंदिर से मीडिया और सोशल मीडिया में जिस तरह की खबरें आ रही हैं, उससे दिल बहुत आहत है। इन लोगों ने भगवान जी का चढ़ावा, उनकी माला और उनकी पादुका तक चोरी कर ली। लोगों ने बहुत भावना के साथ भगवान को जो हीरे-जवाहरात चढ़ाए थे, वे भी चोरी कर लिए। बताया जा रहा है कि लगभग 200 करोड़ रुपए का कैश और किसी श्रद्धालु द्वारा दी गई 200 किलो चांदी भी चोरी कर ली गई है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राम मंदिर से जिस तरह की खबरें आ रही हैं, उससे मेरा और मुझ जैसे करोड़ों लोगों का मन बहुत व्यथित है। इसीलिए मैं अभी अयोध्या के लिए निकल रहा हूं। मैं शुक्रवार को राम मंदिर जाकर भगवान के दर्शन करूंगा। दर्शन करने के बाद हम हनुमानगढ़ी भी जाएंगे और वहां कुछ संतों से भी मुलाकात करेंगे।

एक सवाल के जवाब में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर किसी के 100 रुपए भी चोरी हो जाएं, तो थाने में उसकी एफआईआर दर्ज होती है। इस मामले में अरबों रुपए चोरी हो गए, कुछ पैसा रिकवर भी हो गया, लेकिन अभी तक एफआईआर तक दर्ज नहीं हुई। मैं तो कानून समझता हूं। मैंने कानून पढ़ा है। बिना एफआईआर के एसआईटी नहीं बन सकती। सीआरपीसी में लिखा है कि एफआईआर के बाद ही एसआईटी बनेगी।

अरविंद केजरीवाल ने एसआईटी पर सवाल उठाते पूछा कहा कि यह एसआईटी किस कानून की किस धारा के तहत बनी है? इसके पास जांच करने की कोई पावर ही नहीं है। यह एसआईटी लोगों की आंखों में केवल धोखा है। यह पूरे मामले में लीपापोती करने के लिए है। इसका काम केवल बड़े-बड़े लोगों को बचाना है। मीडिया में है कि एसआईटी छोटे-छोटे कर्मचारियों को बुलाकर जांच कर रही है, जबकि इतने महीनों और सालों से बड़े स्तर पर चल रही यह चोरी बड़े लोगों की शह के बिना तो नहीं हो सकती।

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि चंदे, हीरे-जवाहरात और भगवान की पादुका की चोरी कोई मामूली मामला नहीं है, यह एक बहुत संगीन मामला है जिससे करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है। इसमें बहुत बड़े-बड़े लोग शामिल हैं। इस एसआईटी का काम केवल मामले की लीपापोती करना है। इसमें केवल एक नहीं, बल्कि कई सारे मामले हैं, जिनके बारे में शुक्रवार को मैं विस्तार से बताऊंगा।

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