लखनऊ, 24 जून। राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रदेशभर में फायर सेफ्टी और भवन मानकों की जांच को लेकर प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। इसी क्रम में लखनऊ में कई प्रमुख कोचिंग संस्थानों का फायर ऑडिट किया गया, जिसमें गंभीर अनियमितताएं मिलने पर एलन और ग्रेविटी कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि मोशन और आकाश कोचिंग को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए समय दिया गया है।
फायर विभाग, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम ने हजरतगंज स्थित एलन कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया। जांच के दौरान फायर सेफ्टी मानकों और भवन नक्शे से संबंधित कई खामियां सामने आईं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) अंकुश मित्तल ने बताया कि संस्थान में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन नहीं पाया गया। इसके बाद एलन कोचिंग को खाली कराने के निर्देश जारी किए गए और सीज करने की कार्रवाई शुरू की गई।
इसी तरह ग्रेविटी कोचिंग सेंटर में निरीक्षण के दौरान न तो पर्याप्त अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाएं मिलीं और न ही स्वीकृत नक्शा उपलब्ध कराया जा सका। इसके चलते प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से ग्रेविटी कोचिंग सेंटर को सीज कर दिया।
वहीं मोशन और आकाश कोचिंग संस्थानों के निरीक्षण में भी आवश्यक दस्तावेज तत्काल उपलब्ध नहीं कराए जा सके। प्रशासन ने दोनों संस्थानों को निर्धारित समय तक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि समय सीमा के भीतर जरूरी अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए तो उनके खिलाफ भी सीजिंग की कार्रवाई की जाएगी।
अलीगंज अग्निकांड में जिस भवन में आग लगी थी, उस पर भी लखनऊ विकास प्राधिकरण ने ध्वस्तीकरण का नोटिस चस्पा कर दिया है। एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि भवन स्वामियों को 15 दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो नियमानुसार भवन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
एलडीए के अनुसार संबंधित भवन का मानचित्र आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत था, जबकि मौके पर उसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। साथ ही स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण संबंधी विचलन भी पाए गए हैं। इस संबंध में उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम के तहत कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
इस बीच, अग्निकांड में घायल छात्रों की स्थिति पर केजीएमयू प्रशासन ने जानकारी दी है। अस्पताल के प्रवक्ता डॉ. के.के. सिंह के अनुसार सात घायलों में से पांच को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। एक छात्र की रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई है और उसका उपचार आईसीयू में चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत स्थिर है और फिलहाल सर्जरी की आवश्यकता नहीं है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे को प्रदेश के लिए बड़ा सबक बताते हुए सभी जिलों में अस्पतालों, नर्सिंग होम, मेडिकल कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, शॉपिंग मॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। उनके निर्देश के बाद पूरे प्रदेश में चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान अब तक 100 से अधिक कोचिंग संस्थानों के खिलाफ सीलिंग या अन्य कार्रवाई की जा चुकी है।
अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा तथा सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
