राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा मंजूर

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है।

नई दिल्ली, 23 जून 2026 (यूएनएस)। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है। राज्यसभा सदस्य के रूप में उनका कार्यकाल समाप्त होने और भारतीय जनता पार्टी द्वारा उन्हें दोबारा उच्च सदन के लिए उम्मीदवार नहीं बनाए जाने के बाद उन्होंने मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया था।

राष्ट्रपति भवन की ओर से मंगलवार को जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। कुरियन केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में भी राज्य मंत्री का दायित्व संभाल रहे थे।

जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो गया था। हाल ही में संपन्न राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें पुनः उम्मीदवार नहीं बनाया, जिसके बाद उनके मंत्रिपद पर बने रहने की संवैधानिक अवधि भी समाप्त हो गई। उनके साथ केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को भी पार्टी ने राज्यसभा के लिए दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया था।

इस्तीफा स्वीकार होने के बाद जॉर्ज कुरियन ने सोशल मीडिया मंच फेसबुक पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री बनना उनके जीवन का ऐसा अवसर था, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने लिखा कि यह केवल प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और विश्वास के कारण संभव हो सका।

कुरियन ने बताया कि उन्होंने 22 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद दिया और अपना इस्तीफा सौंपा। उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ अपनी एक तस्वीर भी साझा की। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि मंत्री पद तक पहुंचना उनके लिए सम्मान और जिम्मेदारी दोनों था।

केंद्र सरकार में जॉर्ज कुरियन को ईसाई समुदाय के प्रमुख प्रतिनिधि के रूप में देखा जाता रहा है। वह संभवतः मंत्रिपरिषद में एकमात्र ईसाई मंत्री थे। अल्पसंख्यक मामलों के अलावा उन्होंने मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी क्षेत्र से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों और योजनाओं के क्रियान्वयन में भी सक्रिय भूमिका निभाई।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनावों के बाद भाजपा संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर नए समीकरण बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। ऐसे में जॉर्ज कुरियन का मंत्रिमंडल से बाहर होना आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक बदलावों के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।

हालांकि अपने विदाई संदेश में कुरियन ने किसी प्रकार की राजनीतिक टिप्पणी से बचते हुए प्रधानमंत्री और पार्टी नेतृत्व के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की तथा सार्वजनिक जीवन में मिले अवसरों को अपने लिए गौरवपूर्ण बताया।

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