महायुति का एमएलसी चुनाव में दबदबा, 17 में 16 सीटों पर जीत; नासिक में बागी उम्मीदवार ने किया उलटफेर

मुंबई, 22 जून 2026 (RNN)। महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने एक बार फिर अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन करते हुए 17 में से 16 सीटों पर कब्जा जमा लिया है। भारतीय जनता पार्टी, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के गठबंधन ने अधिकांश सीटों पर जीत दर्ज कर विपक्ष को बड़ा झटका दिया। हालांकि नासिक सीट पर भाजपा के बागी नेता और निर्दलीय उम्मीदवार गोकुल गिट्टे की जीत ने चुनावी परिणामों को खासा चर्चा का विषय बना दिया है।

विधान परिषद की 17 सीटों में से छह सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे, जबकि शेष 11 सीटों के लिए हुए मतदान के नतीजे सोमवार को घोषित किए गए। घोषित परिणामों में भाजपा ने सबसे अधिक नौ सीटों पर जीत दर्ज की। शिवसेना ने परभणी-हिंगोली सीट अपने नाम की, जबकि नासिक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार गोकुल गिट्टे ने जीत हासिल कर महायुति की चुनावी रणनीति को झटका दिया।

नासिक सीट पर मुकाबला सबसे अधिक रोमांचक रहा। शिवसेना के उम्मीदवार नरेंद्र दराडे को निर्दलीय उम्मीदवार गोकुल गिट्टे ने पराजित कर दिया। गिट्टे पहले भाजपा से जुड़े रहे हैं, लेकिन टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का निर्णय लिया था। चुनाव से पहले महायुति ने अपने समर्थक पार्षदों को एकजुट रखने के लिए विशेष प्रबंधन भी किया था, लेकिन इसके बावजूद नासिक में बागी उम्मीदवार की जीत गठबंधन के लिए असहज संकेत मानी जा रही है।

भाजपा के विजयी उम्मीदवारों में नांदेड़ से अमरनाथ राजूरकर, नागपुर (उपचुनाव) से डॉ. राजीव पोतदार, भंडारा-गोंदिया से अविनाश ब्रह्मांकर, छत्रपति संभाजीनगर-जालना से सुहास शिरसाट, जलगांव से नंदकिशोर महाजन, सांगली-सातारा से पेशेंस कदम, सोलापुर से राजेंद्र राउत, धाराशिव-लातूर-बीड से बसवराज पाटिल तथा अमरावती से प्रवीण पोटे विजयी रहे। परभणी-हिंगोली सीट पर शिवसेना के सईद खान ने जीत दर्ज की।

इससे पहले छह सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। इनमें वर्धा-गडचिरोली-चंद्रपुर से भाजपा के अरुण लखानी, ठाणे से शिवसेना के रवींद्र फाटक, रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग से एनसीपी (अजित पवार गुट) के अनिकेत तटकरे, यवतमाल से शिवसेना के दुष्यंत चतुर्वेदी, अहिल्यानगर से भाजपा के प्राजक्त तनपुरे तथा पुणे से एनसीपी के विक्रम काकड़े शामिल हैं।

चुनाव परिणामों के बाद महायुति की विधान परिषद में स्थिति और मजबूत हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नतीजों ने स्थानीय निकायों और संगठन स्तर पर महायुति की मजबूत पकड़ को फिर साबित कर दिया है। वहीं नासिक में निर्दलीय उम्मीदवार की जीत ने यह संकेत भी दिया है कि टिकट वितरण और आंतरिक असंतोष भविष्य में गठबंधन के लिए चुनौती बन सकता है।

आगामी विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनावों से पहले आए इन परिणामों ने महायुति खेमे का उत्साह बढ़ा दिया है, जबकि विपक्षी दलों के सामने अपनी रणनीति और संगठनात्मक मजबूती पर नए सिरे से काम करने की चुनौती खड़ी हो गई है।

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