नयी दिल्ली। राहुल गांधी ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 रद्द किए जाने के बाद केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने 22 लाख से अधिक छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को कुचल दिया है तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का तथाकथित “अमृतकाल” अब “विषकाल” बन गया है।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने तीन मई को आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 को प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के मद्देनजर मंगलवार को रद्द करने की घोषणा की। साथ ही केंद्र सरकार ने मामले की विस्तृत जांच सीबीआई को सौंप दी है। एनटीए ने कहा है कि परीक्षा पुनः आयोजित की जाएगी, जिसकी नई तिथियों की घोषणा अलग से की जाएगी।
राहुल गांधी बोले 22 लाख छात्रों के सपनों को भ्रष्ट व्यवस्था ने कुचला, पेपर लीक युवाओं के भविष्य के साथ अपराध
राहुल गांधी ने सामाजिक माध्यम ‘एक्स’ पर लिखा कि लाखों विद्यार्थियों और उनके परिवारों ने इस परीक्षा के लिए दिन-रात मेहनत की। किसी पिता ने कर्ज लिया, किसी मां ने गहने बेचे और लाखों छात्रों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की, लेकिन बदले में उन्हें प्रश्नपत्र लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा व्यवस्था में संगठित भ्रष्टाचार मिला।
उन्होंने कहा कि यह केवल सरकार की नाकामी नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ अपराध है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि हर बार प्रश्नपत्र माफिया बच निकलते हैं, जबकि ईमानदार छात्रों को सजा भुगतनी पड़ती है।
राहुल गांधी ने कहा कि परीक्षा रद्द होने के कारण अब लाखों छात्रों को दोबारा मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और भविष्य की अनिश्चितता का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि युवाओं की तकदीर मेहनत के बजाय पैसे और पहुंच से तय होगी, तो शिक्षा का अर्थ ही क्या रह जाएगा।
