लखनऊ, 12 मई 2026 (यूएनएस)। पश्चिम बंगाल में जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी अब मिशन यूपी-2027 की तैयारियों में पूरी ताकत से जुट गई है। कैबिनेट विस्तार के बाद पार्टी संगठन को धार देने में लगी है और इसी कड़ी में मंगलवार को लखनऊ स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में 98 संगठनात्मक जिलों के जिलाध्यक्षों की अहम बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने की। बैठक का मुख्य एजेंडा मिशन-2027 को लेकर संगठनात्मक रणनीति तय करना रहा।
98 जिलाध्यक्षों की बैठक में बूथ से लेकर पन्ना प्रमुख तक तैयार हुआ चुनावी रोडमैप
सूत्रों के अनुसार भाजपा अब यूपी में पश्चिम बंगाल चुनाव के माइक्रो-मैनेजमेंट मॉडल को लागू करने की तैयारी कर रही है। पार्टी बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, लाभार्थियों से सीधा संपर्क बढ़ाने और हर बूथ की राजनीतिक स्थिति का आंकलन करने में जुटी है।
बैठक में खासतौर पर वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में हारी गई 61 सीटों पर विशेष रणनीति तैयार की गई। इन सीटों पर संगठनात्मक बदलाव, बूथ प्रबंधन और स्थानीय समीकरणों के आधार पर नए रोडमैप पर चर्चा हुई। भाजपा का लक्ष्य 2027 में इन सभी सीटों पर दोबारा जीत दर्ज करना है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक प्रदेशभर के 1,62,459 बूथों को सक्रिय करने की योजना बनाई गई है। इसके तहत 1918 मंडलों और 27,633 शक्ति केंद्रों पर विशेष फोकस रहेगा। जिलाध्यक्षों को बूथ समितियों, शक्ति केंद्रों और पन्ना प्रमुखों की सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में विपक्षी दलों की राजनीतिक ताकत, कमजोरियां और संभावित रणनीति पर भी चर्चा हुई। जिलाध्यक्षों से उनके क्षेत्रों में विपक्ष की स्थिति को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई थी, जिस पर मंथन किया गया।
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि बंगाल चुनाव में अपनाई गई आक्रामक संगठनात्मक रणनीति और माइक्रो मैनेजमेंट मॉडल यूपी में भी पार्टी को फायदा पहुंचा सकता है। इसी वजह से संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
