गुवाहाटी। हिमंत बिस्व सरमा आज लगातार दूसरी बार असम की सत्ता संभालेंगे। गुवाहाटी के खानापारा स्थित वेटरनरी कॉलेज फील्ड में होने वाले भव्य शपथ ग्रहण समारोह के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। भाजपा इस समारोह को पूर्वोत्तर भारत में अपनी मजबूत होती राजनीतिक पकड़ के प्रतीक के रूप में पेश कर रही है।
समारोह में नरेंद्र मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा समेत कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है। पूरे कार्यक्रम स्थल और आसपास के इलाके को हाई सिक्योरिटी जोन में तब्दील कर दिया गया है।
पीएम मोदी समेत कई दिग्गज नेताओं की मौजूदगी, हाई सिक्योरिटी जोन में बदला खानापारा
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, लक्ष्मण प्रसाद आचार्य मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। असम में यह भाजपा नीत एनडीए सरकार का लगातार तीसरा कार्यकाल होगा।
इस बार भाजपा ने अपने दम पर 82 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया है, जबकि एनडीए गठबंधन ने कुल 102 सीटों पर जीत दर्ज कर ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। चुनाव में विकास, कानून-व्यवस्था और मजबूत संगठनात्मक रणनीति को भाजपा की जीत का प्रमुख आधार माना जा रहा है।
शिवराज सिंह चौहान ने असम में एनडीए की जीत को प्रधानमंत्री मोदी की विकास और जनकल्याणकारी नीतियों की जीत बताया। शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गुवाहाटी पहुंचे चौहान ने कहा कि रिकॉर्ड बहुमत यह साबित करता है कि जनता का भरोसा भाजपा के साथ मजबूती से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष अब केवल सांप्रदायिक राजनीति तक सीमित होकर रह गया है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बताया कि उनके साथ रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चरण बोरो और अजंता नेओग मंत्री पद की शपथ लेंगे। इसके अलावा वरिष्ठ विधायक रंजीत दास को असम विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई टीम एक सशक्त, विकसित और समृद्ध असम के निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी।
शपथ ग्रहण समारोह के लिए विशेष तैयारियां
- खानापारा के वेटरनरी कॉलेज मैदान में विशाल मंच तैयार
- हजारों लोगों की क्षमता वाला भव्य पंडाल
- वीवीआईपी मूवमेंट के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान
- ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी
- मीडिया कवरेज के लिए अलग जोन
- एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
- बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह शपथ ग्रहण समारोह केवल सरकार गठन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर में भाजपा की राजनीतिक ताकत के बड़े प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है।
