लखनऊ, 11 मई 2026 (यूएनएस)। मायावती ने सहारनपुर जिले के देवबंद क्षेत्र स्थित लालवाला गांव में मूर्ति स्थापना को लेकर हुई हिंसक झड़प पर चिंता जताते हुए सरकार और प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। बसपा प्रमुख ने कहा कि मामले को कानून के दायरे में रहकर सुलझाया जाना चाहिए और किसी भी पक्ष को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
मायावती ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि सहारनपुर के एक गांव में जमीन पर मूर्ति रखने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ, जो बाद में हिंसक संघर्ष में बदल गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना में दलित समाज के कई लोग घायल हुए हैं। बसपा सुप्रीमो ने पुलिस और प्रशासन से तत्काल तथा निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग करते हुए कहा कि हालात पर पूरी तरह नियंत्रण रखा जाए और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
उन्होंने दोनों पक्षों से संयम बरतने और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की। उनका कहना था कि विवादों का समाधान ताकत के बजाय कानूनी प्रक्रिया के जरिए होना चाहिए, ताकि क्षेत्र में तनाव न बढ़े और सामाजिक सद्भाव कायम रहे।
गौरतलब है कि सहारनपुर के देवबंद क्षेत्र स्थित लालवाला गांव में 9 और 10 मई की रात लगभग दो बीघा जमीन पर कब्जे और कथित तौर पर महाराणा प्रताप की मूर्ति लगाने को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी और लाठीचार्ज हुआ, जिसमें तीन महिलाओं समेत आठ लोग घायल हो गए।
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने गांव में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और इलाके में लगातार निगरानी की जा रही है।
