साहस और शक्ति की विरासत हमारी सबसे बड़ी ताकत: पीएम मोदी

बेंगलुरु की जनसभा में बोले प्रधानमंत्री, बंगाल जीत और स्थिर सरकारों को बताया जनता का संदेश

बेंगलुरु, 10 मई। नरेंद्र मोदी ने रविवार को बेंगलुरु में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि साहस और शक्ति की विरासत ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब स्थिरता, विकास और राष्ट्रनीति की राजनीति को प्राथमिकता दे रही है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि आज बेंगलुरु की धरती से “भगवा सूरज” उग आया है। उन्होंने कहा कि इतनी सुबह हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं का एक साथ जुटना पार्टी के प्रति समर्पण और उत्साह को दर्शाता है। उन्होंने बंगाल में मिली जीत को कार्यकर्ताओं की जीत बताया और सभी का आभार व्यक्त किया।

नरेंद्र मोदी ने कहा कि 10 मई भारत के इतिहास की महत्वपूर्ण तारीख है। 1857 में इसी दिन स्वतंत्रता संग्राम की पहली चिंगारी फूटी थी, जो आगे चलकर अंग्रेजी शासन के खिलाफ बड़ी जनक्रांति में बदल गई। उन्होंने कहा कि उसी साहस और संकल्प की भावना से प्रेरित होकर हाल ही में “ऑपरेशन सिंदूर” की पहली वर्षगांठ मनाई गई।

प्रधानमंत्री ने बताया कि वह सोमवार को सोमनाथ मंदिर में आयोजित समारोह में शामिल होंगे, जहां मंदिर पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया जाएगा।

उन्होंने हाल के चुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए कहा कि पुडुचेरी में लगातार दूसरी बार, असम में लगातार तीसरी बार एनडीए सरकार का गठन और पश्चिम बंगाल में भाजपा को मिला अभूतपूर्व समर्थन यह दर्शाता है कि जनता स्थिर सरकार चाहती है। उन्होंने गुजरात निकाय और पंचायत चुनावों में भाजपा की बड़ी जीत का भी उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के युवा, महिलाएं, किसान, गरीब और मध्यम वर्ग अब “स्पीड और समाधान” की राजनीति चाहते हैं, न कि घोटालों और अस्थिरता की राजनीति। उन्होंने कहा कि जनता राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने वाली राजनीति के साथ खड़ी है।

भाजपा के विस्तार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दस वर्ष पहले पश्चिम बंगाल में भाजपा के केवल तीन विधायक थे, लेकिन आज वहां पार्टी की मजबूत सरकार है। उन्होंने यह भी कहा कि केरल में भी भाजपा का जनाधार लगातार बढ़ रहा है और भविष्य में वहां भी एनडीए बहुमत तक पहुंच सकता है।

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी को कभी 400 से अधिक सीटें मिलती थीं, वह पिछले तीन लोकसभा चुनावों में 100 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी अपनी हार के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक प्रक्रियाओं को दोष दे रहे हैं।

नरेंद्र मोदी ने कहा कि भाजपा सरकारों का मूल मंत्र “सबका साथ, सबका विकास” है और पार्टी सुशासन के मॉडल पर काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से जनता भाजपा को बार-बार सेवा का अवसर दे रही है, जबकि कांग्रेस शासित राज्य सरकारें दोबारा सत्ता में लौटने में असफल रही हैं।

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