लखनऊ, 06 मई 2026। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि राज्य के छह रक्षा औद्योगिक गलियारों—लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट—में 35,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव अब तेजी से धरातल पर साकार होते दिख रहे हैं।
न्यू कैंट में आयोजित तीन दिवसीय नॉर्थटेक सिंपोजियम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने बड़े पैमाने पर भूमि बैंक तैयार किया है और रक्षा व वैमानिकी नीति के माध्यम से निवेशकों को आकर्षक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अलीगढ़ छोटे हथियारों, रक्षा उपकरणों और सैन्य सामग्रियों के उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। वहीं, परंपरागत रूप से ‘पूर्व का मैनचेस्टर’ कहलाने वाला कानपुर अब गोला-बारूद, मिसाइल, डिफेंस टेक्सटाइल और प्रोटेक्टिव गियर के निर्माण का अहम हब बन गया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल और भारी रक्षा विनिर्माण पर विशेष फोकस किया जा रहा है, जबकि चित्रकूट और आगरा को वैमानिकी और सटीक इंजीनियरिंग के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रक्षा गलियारों में तोप के गोले, ड्रोन, बुलेटप्रूफ जैकेट और उन्नत संचार प्रणालियों का निर्माण हो रहा है, जिससे सैनिकों की क्षमता में वृद्धि होगी।
आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर ड्रोन के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 21,000 से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं, जो एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन, सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मजबूत औद्योगिक पारितंत्र विकसित हुआ है और एक्सप्रेसवे, हाइवे, रेल, मेट्रो तथा हवाई संपर्क के मामले में राज्य देश में अग्रणी बन चुका है।
इस तीन दिवसीय नॉर्थटेक सिंपोजियम का उद्घाटन केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 4 मई को किया था। कार्यक्रम में रक्षा क्षेत्र की 250 से अधिक कंपनियों ने अपने उत्पाद और नवीन प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया।
