लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार जहां 4 मई से बारिश की संभावना जताई गई थी, वहीं 2 मई की रात से ही अवध क्षेत्र के कई जिलों में बारिश शुरू हो गई।
अवध के जिलों में हुई बारिश
रविवार सुबह सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर, अमेठी और रायबरेली समेत कई इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई। शनिवार शाम को भी इन क्षेत्रों में बूंदाबांदी हुई थी, जिससे मौसम सुहावना हो गया।
जेष्ठ की शुरुआत में राहत
जेष्ठ माह की शुरुआत आमतौर पर तेज गर्मी के साथ होती है, लेकिन इस बार ठंडी हवाओं और बादलों ने लोगों को राहत दी। धूप की तपिश कम रही और तापमान में गिरावट का असर साफ दिखाई दिया।
पश्चिमी विक्षोभ का असर
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के समाप्त होने के बाद मौसम कुछ समय के लिए साफ रहा, लेकिन 3 मई से सक्रिय नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण 4 और 5 मई को प्रदेश में आंधी-तूफान और बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है।
तापमान में होगी गिरावट
मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इसी वजह से मई के शुरुआती 10 दिनों में लू चलने की संभावना कम है और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।
तीन पश्चिमी विक्षोभ रहे सक्रिय
अप्रैल माह में तीन सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में ओलावृष्टि और बारिश हुई। हालांकि इस दौरान औसत तापमान सामान्य के आसपास रहा, लेकिन कुछ जिलों में तेज गर्मी भी देखने को मिली।
सबसे गर्म रहा उरई
शनिवार को उरई प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद बांदा (40.6 डिग्री) और झांसी (39.4 डिग्री) का स्थान रहा।
मौसम विभाग का अनुमान है कि मई माह में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान नियंत्रण में रहेगा और भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
