यूपी में दो चरणों में होगी जनगणना, जातिगत आंकड़े भी जुटेंगे; 1 मार्च 2027 को होगी जनसंख्या घोषणा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। जनगणना कार्य निदेशालय की निदेशक शीतल वर्मा ने प्रेसवार्ता में बताया कि इस बार जनगणना दो चरणों में पूरी की जाएगी और इसके आधार पर 1 मार्च 2027 को देश की कुल जनसंख्या घोषित की जाएगी।

दो चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया

पहले चरण में 22 मई से 20 जून 2026 तक घरों की गणना (हाउस लिस्टिंग) की जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच प्रत्येक व्यक्ति की गणना होगी। इसी चरण में जातिगत आंकड़े भी एकत्र किए जाएंगे।

प्रशासनिक इकाइयां रहेंगी स्थिर

निर्देशक शीतल वर्मा ने बताया कि 31 दिसंबर 2025 से 31 मार्च 2027 तक सभी राजस्व प्रशासनिक इकाइयों को स्थिर रखा जाएगा। इस अवधि में कोई नया गांव या तहसील नहीं बनाई जाएगी, ताकि आंकड़ों की सटीकता बनी रहे।

बड़े पैमाने पर होगी तैनाती

प्रदेश को लगभग 3.90 लाख गणना खंडों में विभाजित किया गया है। इस कार्य के लिए करीब 5 लाख कार्मिक लगाए जाएंगे। प्रत्येक खंड में लगभग 800 से 1000 लोगों की गणना की जाएगी। प्रशिक्षण प्रक्रिया 10 मई तक पूरी कर ली जाएगी, जिसमें राष्ट्रीय स्तर से लेकर क्षेत्रीय प्रशिक्षकों तक की व्यवस्था की गई है।

घर-घर जाकर जुटाई जाएगी जानकारी

जनगणना के दौरान घर-घर जाकर मकानों, संपत्तियों और व्यक्तियों से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। इसमें झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों और शून्य आबादी वाले इलाकों को भी शामिल किया जाएगा।

सामाजिक-आर्थिक तस्वीर होगी स्पष्ट

इस व्यापक अभियान के माध्यम से प्रदेश और देश की सामाजिक तथा आर्थिक स्थिति का विस्तृत आकलन संभव होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भविष्य की योजनाओं और नीतियों को बेहतर ढंग से तैयार करने में मदद मिलेगी।

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