भाऊराव देवरस अस्पताल के डॉक्टरों को जनगणना ड्यूटी से राहत, स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता

लखनऊ, 30 अप्रैल 2026 (यूएनएस)। राजधानी लखनऊ के भाऊराव देवरस अस्पताल के चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ को जनगणना ड्यूटी से फिलहाल राहत मिल गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभी कर्मचारियों का केवल प्रशिक्षण कराया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर ही अस्पताल प्रशासन की सहूलियत के अनुसार उनकी ड्यूटी लगाई जाएगी।

अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। 100 से अधिक बेड क्षमता वाले इस अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 1100 से ज्यादा मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मचारियों को जनगणना ड्यूटी में लगाने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी।

दरअसल, ड्यूटी निर्धारण में कई अहम पदों—जैसे सीएमएस, एमएस, लैब टेक्नीशियन, एक्स-रे टेक्नीशियन, ऑप्टोमेट्रिस्ट, फार्मासिस्ट, ईएमओ, वार्ड बॉय और नर्सिंग स्टाफ—को भी प्रशिक्षण के लिए सूचीबद्ध कर लिया गया था। उन्हें 28 अप्रैल से प्रशिक्षण में शामिल होने के निर्देश जारी किए गए थे, जिससे अस्पताल प्रशासन चिंतित हो गया।

स्थिति को गंभीर देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को पत्र लिखकर इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की। इसके बाद हुई बैठक में यह तय किया गया कि स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

अस्पताल के सीएमएस डॉ. रंजीत दीक्षित ने बताया कि प्रशासन ने कर्मचारियों के प्रशिक्षण को चरणबद्ध तरीके से कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी को रिजर्व में रखा जाएगा और जरूरत पड़ने पर ही ड्यूटी लगाई जाएगी, ताकि मरीजों के इलाज और अस्पताल की सेवाओं पर कोई असर न पड़े।

इस फैसले से न केवल अस्पताल प्रशासन बल्कि मरीजों और उनके परिजनों को भी बड़ी राहत मिली है।

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