यूपी बोर्ड रिजल्ट 2026: बेटियों ने फिर मारी बाजी, मंत्री गुलाब देवी ने दी बधाई

लखनऊ, 23 अप्रैल 2026 (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपीएमएसपी) द्वारा गुरुवार को हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित कर दिए गए। इस वर्ष भी लड़कियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लड़कों से बेहतर परिणाम हासिल किए।

परिणाम जारी होने के बाद माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने सभी परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि “महिलाएं आदि शक्ति का स्वरूप हैं और उन्होंने हर क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया है। हमारी बेटियों ने विद्यार्थी के रूप में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर यह साबित किया है कि वे हर क्षेत्र में आगे हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि लड़कों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन बेटियों की उपलब्धि विशेष प्रेरणादायक है। “जब हमारी बेटियां आगे हैं तो हमारी महिलाएं भी आगे रहेंगी। महिलाओं की शक्ति को कोई कम नहीं कर सकता,” उन्होंने कहा।

परीक्षा और परिणाम का आंकड़ा
यूपी बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च 2026 के बीच प्रदेश के 75 जिलों में 8,033 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थीं।

  • हाईस्कूल (10वीं): कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 90.42%
  • इंटरमीडिएट (12वीं): कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 80.38%

हाईस्कूल में कुल 26,01,381 परीक्षार्थी शामिल हुए, जिनमें से 23,52,181 सफल घोषित किए गए। इस परीक्षा में 13,43,524 बालक और 12,57,857 बालिकाएं शामिल हुईं।

  • बालकों का पास प्रतिशत: 87.30%
  • बालिकाओं का पास प्रतिशत: 93.76% (6.46% अधिक)

इंटरमीडिएट परीक्षा में करीब 24.86 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए, जिनमें से लगभग 19.98 लाख सफल रहे।

  • बालकों का पास प्रतिशत: 75.04%
  • बालिकाओं का पास प्रतिशत: 86.32% (11.28% अधिक)

टॉपर्स ने बढ़ाया प्रदेश का मान
हाईस्कूल परीक्षा में सीतापुर की कशिश वर्मा और बाराबंकी की अंशिका वर्मा ने 97.83% अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया।
वहीं इंटरमीडिएट में सीतापुर की शिखा वर्मा ने 97.60% अंकों के साथ प्रदेश में टॉप किया।

हाईस्कूल टॉप 5 टॉपर्स (संक्षेप में)
पहले स्थान पर कशिश वर्मा और अंशिका वर्मा रहीं। दूसरे स्थान पर अदिति, तीसरे स्थान पर अर्पिता, ऋषभ साहू और परी वर्मा, जबकि चौथे और पांचवें स्थान पर कई छात्रों ने संयुक्त रूप से स्थान बनाया।

संस्थागत बनाम व्यक्तिगत परीक्षार्थी
हाईस्कूल में संस्थागत परीक्षार्थियों का परिणाम (90.51%) व्यक्तिगत परीक्षार्थियों (66.67%) से बेहतर रहा।
इंटरमीडिएट में भी संस्थागत परीक्षार्थियों का प्रदर्शन (80.47%) व्यक्तिगत परीक्षार्थियों (77.54%) से बेहतर रहा।

मूल्यांकन और व्यवस्था
हाईस्कूल की कॉपियों का मूल्यांकन 96,803 परीक्षकों द्वारा किया गया, जबकि इंटरमीडिएट में 55,973 परीक्षकों ने मूल्यांकन किया। प्रयोगात्मक परीक्षाएं 18,007 परीक्षकों की निगरानी में संपन्न हुईं।

सरकार और शिक्षा विभाग का मानना है कि बेहतर परीक्षा प्रबंधन, पारदर्शी मूल्यांकन और छात्रों की मेहनत के चलते इस वर्ष भी परिणाम उत्साहजनक रहे हैं। बेटियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने एक बार फिर प्रदेश को गौरवान्वित किया है।

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