अम्बेडकर जयंती पर आप का प्रदेशभर में आयोजन, शिक्षा और समानता के संदेश पर जोर

लखनऊ, 14 अप्रैल 2026। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर आम आदमी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में व्यापक स्तर पर विचार गोष्ठी, माल्यार्पण एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए। इस दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।

राजधानी लखनऊ स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए। सभी ने बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सामाजिक न्याय, समानता और संविधान की मूल भावना की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह ने कहा कि बाबा साहेब ने शिक्षा को सामाजिक बदलाव का सबसे बड़ा हथियार बताया था। उन्होंने कहा कि जब तक समाज शिक्षित नहीं होगा, तब तक समानता और अधिकार की लड़ाई अधूरी रहेगी। उन्होंने बाबा साहेब के प्रसिद्ध कथन “शिक्षा शेरनी का वह दूध है जो जितना पियेगा उतना दहाड़ेगा” का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा के जरिए ही समाज को जागरूक और संगठित बनाया जा सकता है।

वहीं निवर्तमान प्रदेश महासचिव दिनेश पटेल ने कहा कि “शिक्षित बनो, संगठित रहो” का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि संविधान के माध्यम से बाबा साहेब ने महिलाओं, दलितों, पिछड़ों और वंचित वर्गों को बराबरी का अधिकार दिलाया और आज उनकी जयंती पर एक समावेशी और न्यायपूर्ण भारत के निर्माण का संकल्प लेना आवश्यक है।

आप यूपी शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र सिंह ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष और शिक्षा के महत्व का सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आज भी समाज में व्याप्त असमानता और भेदभाव को खत्म करने के लिए शिक्षा को सबसे मजबूत हथियार बनाना होगा।

लखनऊ जिलाध्यक्ष इरम रिज़वी ने कहा कि संविधान की मूल भावना—समानता, न्याय और भाईचारा—को बचाने के लिए हर नागरिक को आगे आना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं, जिनका डटकर मुकाबला करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब तक वंचित समाज को पूरा अधिकार और सम्मान नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

कार्यक्रम के अंत में नेताओं ने कार्यकर्ताओं से बाबा साहेब के विचारों को अपने जीवन में अपनाने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय, सम्मान और समान अवसर पहुंचाने के लिए संघर्ष तेज करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर रुहेलखंड प्रांत अध्यक्ष इंजीनियर मोहम्मद हैदर, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष शकील मलिक, बीएन खरे, अंशुल यादव, अनित रावत, नूर सिद्दीकी, ललित वाल्मीकि, तुषार श्रीवास्तव, ज्ञान सिंह, इस्मा जहीर, रीता सिंह, मोहम्मद तकी, अनुज पाठक, मनोज मिश्रा, अंकित परिहार, रानी कुमारी, बलराम साहनी, ज्ञान सिंह कुशवाह, विनोद विश्वकर्मा, सुधीर पटेल, नीरज गुप्ता, संतोष, धीरज सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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