स्वयं सहायता समूहों की दीदियों ने बदली तस्वीर: CIB बोर्ड बना महिलाओं के स्वावलंबन का नया जरिया

लखनऊ, 07 अप्रैल 2026। उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और सकारात्मक पहल सामने आई है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में ग्राम्य विकास विभाग द्वारा स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की महिलाओं को रोजगार से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कार्य किया जा रहा है।

प्रदेश भर में अब स्वयं सहायता समूहों की “दीदियां” सिटीजन इंफॉर्मेशन बोर्ड (CIB) का निर्माण कर रही हैं। ये बोर्ड मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के तहत शुरू होने वाले कार्यों के स्थलों पर लगाए जाते हैं। इससे जहां योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ रही है, वहीं ग्रामीण महिलाओं की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।

ग्राम्य विकास विभाग की जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित समूहों से जुड़ी 22,170 महिलाओं ने अब तक 5,55,681 से अधिक CIB बोर्ड तैयार किए हैं। यह कार्य महिलाओं के लिए आय का स्थायी स्रोत बनता जा रहा है और उनमें उद्यमिता की भावना को भी मजबूत कर रहा है।

CIB बोर्ड पर ग्राम पंचायत, विकास खंड, जनपद, कार्य की लागत, कार्य प्रारंभ व पूर्ण होने की तिथि, मानव दिवस और मजदूरी जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां अंकित की जाती हैं। इससे आम नागरिकों को योजनाओं की पूरी जानकारी मिलती है और पारदर्शिता सुनिश्चित होती है।

सरकार द्वारा निर्देशित किया गया है कि मनरेगा के अंतर्गत बनने वाली परिसंपत्तियों के लिए आवश्यक CIB बोर्ड की आपूर्ति स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ही की जाए। इसके लिए संबंधित समूहों को समय से ऑर्डर दिए जा रहे हैं, ताकि कार्य शुरू होने से पहले ही सभी स्थलों पर बोर्ड स्थापित किए जा सकें।

ग्रामीण क्षेत्रों में यह पहल केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का माध्यम भी बन रही है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होती हैं, तो परिवार, समाज और अंततः राष्ट्र की नींव भी सशक्त होती है।

महिला स्वावलंबन की यह बढ़ती हुई कड़ी “विकसित भारत” के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।

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