लखनऊ, 29 मार्च 2026। उत्तर प्रदेश में आस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बाबा नीब करौरी की जन्मस्थली अकबरपुर, जनपद फिरोजाबाद में व्यापक विकास कार्य तेज़ी से जारी हैं। इसी क्रम में यहां एक आधुनिक कन्वेंशन सेंटर का निर्माण कार्य लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है, जिसके अप्रैल 2026 के अंत तक पूर्ण होने की संभावना है।
करीब 865.98 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस कन्वेंशन सेंटर पर अब तक 769.74 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। यह केंद्र न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगा।
कन्वेंशन सेंटर में मल्टीपर्पज हॉल, सांस्कृतिक ब्लॉक और एक आधुनिक एग्जीबिशन हॉल तैयार किया जा रहा है। एग्जीबिशन हॉल में बाबा नीब करौरी के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा से जुड़े विभिन्न पहलुओं को प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे श्रद्धालु उनके जीवन दर्शन को करीब से समझ सकेंगे। ग्राउंड फ्लोर पर शौचालय, डाइनिंग हॉल, लगभग 50 लोगों की क्षमता वाली कैफेटेरिया और किचन की व्यवस्था होगी, जबकि प्रथम तल पर पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग डॉर्मिटरी बनाई जा रही हैं, जिनमें करीब 60 लोगों के ठहरने की सुविधा उपलब्ध होगी।
क्षेत्र की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए 1.77 करोड़ रुपये की लागत से सड़क एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास की एक और परियोजना भी शुरू की गई है, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही और अधिक सुगम होगी।

आस्था, विकास और रोजगार का नया संगम: जयवीर सिंह
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि कन्वेंशन सेंटर और सड़क परियोजनाएं क्षेत्र के विकास मॉडल को पूरी तरह बदल देंगी। उन्होंने बताया कि बाबा नीब करौरी की जन्मस्थली को एक प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इन परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
अकबरपुर बनेगा वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र: अमृत अभिजात
अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश को प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बाबा नीब करौरी महाराज की जन्मस्थली अकबरपुर को विशेष रूप से संवारा जा रहा है, ताकि देश-विदेश के लोग इस पावन स्थल से परिचित हो सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि श्रद्धालु अक्सर कैंची धाम, उत्तराखंड जाते हैं, लेकिन बहुत कम लोग बाबा की जन्मस्थली के बारे में जानते हैं। सरकार का उद्देश्य इस स्थल को वैश्विक पहचान दिलाना है, जिसके लिए यहां कन्वेंशन सेंटर, एग्जीबिशन स्पेस और होम-स्टे जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। यह पहल धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी नई दिशा देगी।
